CM रेखा गुप्ता की लग्जरी कुर्सी पर इंटरनेट में बहस, केजरीवाल के ‘शीशमहल’ से हो रही तुलना
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने 25 मई को इंटरनेट पर एक तस्वीर पोस्ट की थी। जिस लग्जरी कुर्सी पर वो बैठीं थी। उसे लेकर इंटरनेट पर बहस हो गई है। लोग कुर्सी की केजरीवाल के 'शीशमहल' से तुलना कर रहे हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। यह तस्वीर अभिनेता राकेश बेदी के साथ हुई एक बैठक की थी। तस्वीर में रेखा गुप्ता जिस कुर्सी पर बैठी दिखीं, उसे लेकर इंटरनेट में बहस हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि यह रेड ओक कंपनी की 'इम्पीरियो' एग्जीक्यूटिव चेयर है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी ने भी सीएम रेखा गुप्ता निशाना साधा है। आप ने तस्वीर शेयर करते हुए पूछा है- क्या इस कुर्सी की कीमत बता सकते हैं?
दावा किया जा रहा है कि इस कुर्सी की कीमत 66 हजार रुपये से लेकर 82600 रुपये तक हो सकती है। इस लग्जरी कुर्सी में इलेक्ट्रॉनिक मसाज फीचर, पीछे झुकने की सुविधा, ऑटोमैटिक फुटरेस्ट, फोम कुशन और लेदर अपहोल्स्ट्री जैसी सुविधाएं हैं।
तस्वीर वायरल होते ही इंटरनेट पर बहस
रेखा गुप्ता ने यह तस्वीर 25 मई को अपने आधिकारिक अकाउंट पर पोस्ट की थी। तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दिल्ली में लोगों की अनगिनत समस्याएं हैं, ऐसे समय में इतनी महंगी कुर्सी सही संदेश नहीं देती। कुछ यूजर्स ने यह भी पूछा कि क्या यह कुर्सी सरकारी पैसे से खरीदी गई है?
भाजपा और आप के दावे
वहीं भाजपा समर्थकों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रेखा गुप्ता का बचाव किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास के रेनोवेशन विवाद से इसकी तुलना की। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, “रेखा गुप्ता जी देश की राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं। क्या वे 60 हजार रुपये की कुर्सी पर भी नहीं बैठ सकतीं? आजकल एक सामान्य विधायक भी लाखों रुपये के जूते पहनता है और यहां बात मुख्यमंत्री की कुर्सी की हो रही है।”
केजरीवाल के शीशमहल से तुलना
एक अन्य पोस्ट में लिखा गया, “सिर्फ 66 हजार की कुर्सी और ये लोग केजरीवाल के शीशमहल को लेकर आरोप लगाते हैं।” एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “केजरीवाल के शीशमहल के टॉयलेट सीट की कीमत में ऐसी 50 कुर्सियां आ जाएंगी।”
कुछ लोगों ने राजनीति पर भी सवाल उठाए। एक टिप्पणी में लिखा गया, “ये दोनों पार्टियां जनता के सामने लड़ती हैं, लेकिन अंदर से एक जैसी हैं।” कुछ लोगों ने तंज भी कसा है। एक यूजर ने लिखा, “अच्छी कुर्सी है, टैक्स के पैसे का बढ़िया इस्तेमाल।”
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