जेल में जान का खतरा, CM रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपियों का दावा; कोर्ट ने तिहाड़ प्रशासन से मांगा जवाब
दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर पिछले साल हमला करने के दो आरोपियों की याचिका पर शुक्रवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों से जवाब तलब किया। आरोपियों ने याचिका में दावा किया कि साथी कैदियों ने उनकी पिटाई की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर पिछले साल हमला करने के दो आरोपियों की याचिका पर शुक्रवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों से जवाब तलब किया। आरोपियों ने याचिका में दावा किया कि साथी कैदियों ने उनकी पिटाई की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशांत गर्ग ने आरोपी राजेशभाई खिमजीभाई सकारिया और तहसीन रजा शेख द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया। दोनों आरोपियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सिद्धांत मलिक ने दावा किया कि उनके मुवक्किलों के परिवारों को भी धमकियां मिल रही हैं।
अर्जी के मुताबिक, उक्त कैदियों ने खुलेआम याचिकाकर्ताओं को धमकी दी कि उन्हें जेल के अंदर ही मार डाला जाएगा और उन्हें तब तक पीटा जाएगा जब तक वे 'सबक न सीख लें। गुजरात में रहने वाले उनके परिवार के सदस्यों को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। अर्जी में जेल के अंदर दोनों आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने और उन्हें अलग बैरक में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया।
जेल अधिकारियों को नोटिस
अर्जी में बताया गया, आरोपियों को शायद किसी अन्य जेल में ट्रांसफर किया जा रहा, जहां उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। ट्रांसफर लिस्ट जारी होने वाली है। अदालत ने अर्जी पर विचार करते हुए जेल अधिकारियों को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई की तारीख 22 मई तक स्थिति रिपोर्ट मांगी।
अदालत ने जेल अधिकारियों को हिरासत में लिए गए आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने पिछले साल दिसंबर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप तय किये और कहा था आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने रोहिणी स्थित एफएसएल को आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था और चार हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। इस दौरान आरोपियों के वकील ने हाई कोर्ट से निचली अदालत की कार्यवाही को स्थगित करने का आग्रह किया था। अदालत मामले में हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोप तय करने के खिलाफ सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा रफीउल्लाह शेख की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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