
दिल्ली मेट्रो के सफर में भी छात्रों को जल्द देंगे छूट, सीएम रेखा गुप्ता ने दिया आश्वासन
दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों में दी जाने वाली छूट की तर्ज पर आने वाले दिनों में छात्र-छात्राएं मेट्रो में भी रियायती सफर कर सकेंगे। सीएम रेखा गुप्ता ने डीयू के छात्रों के लिए शुरू की गई यू-स्पेशल बस सेवा के शुभारंभ के दौरान छात्र-छात्राओं को यह भरोसा दिया।
दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों में दी जाने वाली छूट की तर्ज पर आने वाले दिनों में छात्र-छात्राएं मेट्रो में भी रियायती सफर कर सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को डीयू के छात्रों के लिए शुरू की गई यू-स्पेशल बस सेवा के शुभारंभ के दौरान छात्र-छात्राओं को यह भरोसा दिया।

रेखा गुप्ता और दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर से यू-स्पेशल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी से जुड़े डूसू के युवा पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर यू-स्पेशल बसों का संचालन फिर से शुरू कराए जाने और मेट्रो में भी छात्र-छात्राओं के लिए रियायती पास की सुविधा दिलाए जाने की मांग की थी।
सीएम ने कहा कि उन्होंने यू-स्पेशल बस संचालन के लिए तत्काल हामी भर दी। परिवहन विभाग, डीटीसी के अधिकारियों व दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के साथ वार्ता करके इस सेवा को शुरू भी करा दिया। मेट्रो में छात्र-छात्राओं को रियायती पास की सुविधा दिए जाने पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और जल्द ही इसका नतीजा भी सामने आ जाएगा।
फिर शुरू की यू-स्पेशल बस सेवा : मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में बंद हो गई यू-स्पेशल बस सेवा को गुरुवार को फिर शुरू किया। इस दौरान सीएम ने पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दिनों परिवहन विभाग ने सरदार पटेल कॉलेज से अनुबंध किया। उनकी डीजल बसों को हटाकर ईवी बसें दीं। उन्होंने कहा कि सभी कॉलेज इस सुविधा का फायदा लें।
कॉलेज के समय के अनुसार तैयार किए रूट : 25 नई यूनिवर्सिटी स्पेशल बसों की शुरुआत से डीयू और आसपास के इलाकों के विद्यार्थियों को विशेष और भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिलेगी। ये बसें उत्तरी परिसर, दक्षिणी परिसर, जेएनयू, आईआईटी दिल्ली और प्रमुख रिहायशी क्षेत्रों को जोड़ेंगी। इन बसों का शेड्यूल कॉलेजों के समय के हिसाब से तैयार किया गया है ताकि छात्रों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके।
रियायत को लेकर करना पड़ेगा मंथन
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को मेट्रो के किराये में रियायत देने का भरोसा तो दिया, लेकिन दिल्ली सरकार को इस पर लंबा मंथन करना होगा। रियायत पास के जरिये होगी या मेट्रो कार्ड के जरिये दी जाएगी इसका प्रारूप भी तय करना होगा। वहीं, इससे डीएमआरसी को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई कौन करेगा, इस पर भी विचार करना होगा। माना जा रहा है कि जिस तरह बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को दी जाने वाली छूट की रकम की भरपाई दिल्ली सरकार करती है, उसी तरह से डीएमआरसी को भी सरकार भुगतान कर सकती है।





