शेरो-शायरी में सीएम रेखा ने केजरीवाल पर किए हमले, आप भी सुनिए शीशमहल वाले तंज- VIDEO
दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने बजट सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर कुछ यूं निशाना साधा। CAG रिपोर्ट पर चर्चा करते समय उन्होंने शेरो-शायरी के जरिए शीशमहल का मुद्दा उठाते हुए कहा- यहां एक करोड़ के पर्दों में नंगी सच्चाई छिपी थी।

"वो जहर देता, तो सबकी निगाह में आ जाता। उसने यूं किया कि दवा देना बंद कर दिया।" दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने बजट सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर कुछ यूं निशाना साधा। CAG रिपोर्ट पर चर्चा करते समय उन्होंने शेरो-शायरी के जरिए शीशमहल का मुद्दा उठाते हुए कहा- "यहां एक करोड़ के पर्दों में नंगी सच्चाई छिपी थी।"
खुद को राजा और जनता को दास समझा
CAG रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए सीएम रेखा ने कहा- मैं बताना चाहती हूं कि ये चर्चा केवल बिल्डिंग, फर्नीचर या इंटीरियर की नहीं है। ये रिपोर्ट उस नैतिक पतन का दस्तावेज है, जो दिल्ली की जनता को आम आदमी आम आदमी बोलकर ठगा गया। उन्होंने अपने आपको दिल्ली का राजा और आम जनता को नौकर और दास समझा।
एक करोड़ के पर्दों में नंगी सच्चाई छिपी थी
CAG रिपोर्ट का रजिस्टर दिखाते हुए रेखा गुप्ता ने कहा- सादगी नारा था, लेकिन अंदाज शाही था। बोलते थे राजनीति बदल देंगे, लेकिन पुराना घर बदल लिया। एक करोड़ के पर्दों में नंगी सच्चाई छिपी थी। ऑटोमेटिक डोर में जवाबदेही का धागा नहीं था। शीशमहल के अंदर जनाब थे और बाहर लंबी कतारें लगी हुई थीं। 342 फीसदी लूट की बात करते हैं, उन्होंने तो 1000 फीसदी की लूट करी जनता के साथ।
आईना कुछ और दिखाते, तस्वीर कुछ और होती
सीएम रेखा ने कहा- सदन के इसी हिस्से में बैठकर वो लोगों को धोखा देते थे। जनता को गुमराह करते थे। आईना कुछ और दिखाते थे, तस्वीर कुछ और होती थी। किस तरह से अपनी पिक्चर दिखाते थे, गाड़ी नहीं चाहिए, बंगला नहीं चाहिए, कुर्सी नहीं चाहिए... लेकिन उस व्यक्ति को सब कुछ चाहिए था।
बेचारीं आतिशी जी 67 लाख में ही निपट गईं
रेनोवेशन में पूर्व सरकार के मंत्रियों के घरों पर कितने रुपये खर्च हुए, इसका हिसाब-किताब सीएम रेखा बता रही थीं। सबके नाम गिनाने के बाद जब बारी आतिशी की आई, तो रेखा गुप्ता ने तंज भरे लहजे में कहा- ये आतिशी जी, बेचारी महिला हैं। महिलाओं को तो कोई अधिकारी ही नहीं है, तो वो 67 लाख में ही निपट गईं।
18 लाख की कॉफी मशीन, मगर पीता कौन था?
शीशमहल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा- खाना नीचे से ऊपर ले जाने के लिए 7 लाख की लिफ्ट लगाई गई। 18 लाख की कॉफी मशीन लगाई गई। घर में कोई आता नहीं था। न अधिकारी, न एमएलए, न जनता... किसी को भी आने की इजाजत नहीं थी, तो वो कॉफी पीता कौन था? उस महल के आगे हमारे सबके घर धर्मशाला जैसे हैं। दिल्ली में एक ही महल है, शीशमहल।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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