तो जेल भेजिए, खुले में कैसे घूम रहे थे 2,800 अपराधी?पुलिस के दावे पर CJP के सवाल

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदर्शनों की एफआईआर रद्द कर दीं, जिसके बाद CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस ले लिया। हालांकि, अदालत ने 2,873 संदिग्धों पर कार्रवाई की अनुमति दी, जिस पर CJP ने सवाल उठाए।

CJP Spokesperson Saurav Das
यदि सच में 2,800 अपराधी जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में मौजूद थे तो वे समाज में क्यों घूम रहे थे।

दे सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की अगुवाई में 20 से 25 जुलाई के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर रद्द कर दीं। इसके बाद सीजेपी ने 5 सितंबर को होने वाला अपना मार्च रद्द करने का ऐलान किया। हालांकि, केंद्र सरकार के अनुरोध को मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में मौजूद उन 2,873 लोगों के खिलाफ नया केस दर्ज करने को मंजूरी दी है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर रहा है। इस बीच CJP ने दिल्ली पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं।

…तो खुलेआम क्यों घूम रहे थे 2,800 कुख्यात अपराधी

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस का दावा है कि फेशियल रिकग्निशन तकनीक से शक हुआ था कि विरोध वाली जगह पर लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधी मौजूद थे। इस बारे में हमने सरकार के साथ बातचीत की। हमने सरकार के सामने तर्क दिया कि यदि सच में 2,800 कुख्यात अपराधी वहां मौजूद थे तो पहला सवाल यह है कि वे समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे।

…तो 2,800 कथित अपराधियों को जेल भेजिए

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आगे कहा कि दूसरी बात यह कि यदि लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधियों ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट वाली जगह पर कोई गंभीर अपराध किया है, जैसे रेप, हत्या या कोई और गंभीर अपराध तो उन पर मुकदमा चलना चाहिए। ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

सरकार मुआवजा भी देगी

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आगे कहा कि हमने सरकार से यह भी गुजारिश की कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने कहे कि NEET स्टूडेंट के सुसाइड के मामलों में सम्मानजनक मुआवजा राशि 90 दिनों के भीतर दे दी जाएगी। यह रकम सीधे परिवार वालों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। सौरभ दास ने बताया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को ऐसा भरोसा दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इसको स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे अपने आदेश में शामिल करके इसे कानूनी मान्यता दी है।

सीजेपी ने रद्द किया 5 सितंबर का प्रोटेस्ट

सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास मंगलवार को सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने पेश हुए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट पेपर लीक के विरोध में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खत्म करने की प्रक्रिया को देखते हुए सीजेपी ने 5 सितंबर का अपना विरोध प्रदर्शन रद्द कर दिया है।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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