दंगा, साजिश और…; दिल्ली में बवाल काटने वालों के खिलाफ बड़े ऐक्शन की हो गई तैयारी
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा पर सख्त ऐक्शन की तैयारी कर ली है। पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की है। हिंसा करने वालों की पहचान की जा रही है।

डॉ. रमेश त्रिपाठी, नई दिल्ली
संसद सत्र के दौरान हिंसा और हंगामे के मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज। दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 4 एफआईआर दर्ज कर ली हैं, जबकि 2 और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पहली एफआईआर संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली जिला क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में दर्ज की गई है। दूसरी एफआईआर कथित हिंसा की साजिश रचने के आरोप में दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं।
इसके अलावा दो अन्य एफआईआर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में दर्ज की गई हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस दो और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मारपीट, कानून अपने हाथ में लेने और अन्य संबंधित अपराधों से जुड़े हैं।
कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959, और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप और धाराएं शामिल हैं:-
धारा 223(b) BNS:
लोक सेवक (पब्लिक सर्वेंट) द्वारा कानूनन जारी किए गए आदेश (जैसे धारा 163 लागू होना) की नाफरमानी करना या सरकारी काम में बाधा डालना।
दंगा और बलवा (Rioting):
गैर-कानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करने और हिंसा फैलाने की धाराएं।
सरकारी कर्मचारियों पर हमला:
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के साथ मारपीट व उन पर पथराव करने का आरोप।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान (PDPP Act):
प्रदर्शन के दौरान 15-20 सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ और बैरिकेड्स तोड़ने की क्षतिपूर्ति के तहत।
आर्म्स एक्ट (Arms Act):
प्रदर्शन के दौरान प्रतिबंधित या खतरनाक वस्तुओं के इस्तेमाल को लेकर।
जांच में अब क्या कार्रवाई चल रही है?
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस मामले में त्रिस्तरीय जांच और कार्रवाई कर रही हैं:-
वायरल वीडियो और डिजिटल सबूतों की जांच:
सोशल मीडिया पर वायरल हुए बिना अनुमति वाले ड्रोन वीडियो की प्रामाणिकता जांची जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि नो-ड्रोन ज़ोन में ड्रोन किसने और किस मकसद से उड़ाया।
हिंसा की साजिश का पर्दाफाश:
पुलिस का दावा है कि उनके हाथ कुछ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा घेरा तोड़ने और पथराव करने की योजना पहले से बनाई गई थी। साजिशकर्ताओं को चिन्हित करने के लिए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करना:
नई दिल्ली जिले और जंतर-मंतर के आसपास रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दिल्ली पुलिस के जवानों की भारी तैनाती बरकरार है। पूरे इलाके में धारा 163 (BNSS) सख्ती से लागू है और जंतर-मंतर के बाहर पुलिस ने चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं कि किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े पर बल प्रयोग किया जा सकता है।


