हमें मत घसीटो... CJP प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
सीजेपी के प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। टिप्पणी की कि उसे इस मामले में घसीटा न जाए।

हेमलता कौशिक
दिल्ली हाई कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने के खिलाफ याचिका दायर की गई। हाई कोर्ट ने याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि उसे इस मामले में घसीटा नहीं जाना चाहिए और सुनवाई मंगलवार को स्थगित कर दी गई। बता दें कि
संसद मार्च के दौरान पत्थरबाजी और फिर दिल्ली पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे की घटना में कई लहुलूहान हुए। 60 प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जबकि 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
दिल्ली पुलिस की 6 एफआईआर
दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा और हंगामे के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 4 एफआईआर दर्ज कर ली हैं, जबकि 2 और दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस मामले में पुलिस ने कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। साथ ही मामले में त्रिस्तरीय जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।
कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959, और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इसमें धारा 223(b) BNS, दंगा और बलवा , सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आर्म्स एक्ट वाली धाराएं लगाई गई हैं।
त्रिस्तरीय जांच
साथ ही दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले में त्रिस्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच और ऐक्शन के अहम बिंदु हैं- वायरल वीडियो और डिजिटल सबूतों की जांच, हिंसा की साजिश का पर्दाफाश और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करना।
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