CJP प्रोटेस्ट में 17 मेट्रो स्टेशन बंद क्यों किए? SC ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
CJP प्रोटेस्ट के समय दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में कार्यपालिका के फैसले में आमतौर पर दखल नहीं दिया जाता, लेकिन कार्रवाई अनुपातहीन होने पर उसकी न्यायिक समीक्षा हो सकती है।

जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक्शन लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना मुख्य रूप से कार्यपालिका की जिम्मेदारी है, लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल अगर जरूरत से ज्यादा या अनुपातहीन तरीके से किया जाता है तो अदालत इसकी समीक्षा कर सकती है।
मामले की सुनवाई जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ कर रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अदालतें आम तौर पर कार्यपालिका के फैसलों में दखल देने से बचती हैं। हालांकि, जब किसी अधिकार या विवेक का इस्तेमाल अनुपातहीन हो जाता है, तब न्यायिक समीक्षा का रास्ता खुलता है।
'अनुपातहीन हुआ तो कोर्ट करेगा जांच'
जस्टिस बागची ने कहा कि ऐसे मामलों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की बात करना आसान है, लेकिन वास्तव में यह एक तरह का 'भ्रम' जैसा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों पर अदालतें आमतौर पर कार्यपालिका के फैसले पर भरोसा करती हैं। लेकिन अगर कार्रवाई अनुपातहीन नजर आती है तो अदालत को यह देखना होगा कि प्रशासन ने अपने विवेक का इस्तेमाल किस तरह किया।
कोर्ट की टिप्पणी का सीधा संबंध CJP प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के फैसले से है। याचिका में इस कार्रवाई को लेकर संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से सवाल उठाया गया है कि प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इतने बड़े स्तर पर मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला उचित और आनुपातिक था या नहीं।
नोटिस जारी कर कोर्ट ने मांगा जवाब
कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में नोटिस जारी किया है। आगे की सुनवाई में संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के फैसले को लेकर प्रशासन की दलील क्या है और उस पर सुप्रीम कोर्ट किस तरह विचार करता है।


