CJP ने कर दिया अब एक और ‘मार्च’ का ऐलान, पुलिस को रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम
सीजेपी ने सोमवार को संसद तक मार्च किया था जिसके बाद कभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। अब इनको बाहर निकालने के लिए एक और ऐलान कर दिया गया है।

संसद चलो मार्च के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। सीजेपी का दावा है कि सोवमार को हुए प्रोटेस्ट के बाज दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों हिरासत में लिया हुआ है और उनके वकीलों को भी उनसे नहीं मिलने दिया जा रहा है। ऐसे में अब सीजेपी ने ऐलान किया है कि अगर रात 8 बजे तक इन लोगों को नहीं छोड़ा जाता या वकीलों को मिलने नहीं दिया जाता तो वह अब पुलिस हेडक्वार्ट्स तक मार्च करेंगे और वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा, हम पुलिस को चेतावनी देते हैं कि अगर रात 8 बजे तक इन लोगों को नहीं छोड़ा गया या उनके वकीलों को नहीं मिलने दिया ग.ा तो हम सब पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे और वहां धरना देंगे।
जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारी
सोमवार को हुए मार्च के बाद प्रदर्शनकारी एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुट गए हैं। सीजेपी ने साफ कर दिया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया जाता, वह प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। इससे पहले मार्च के दौरान संसद जाने की कोशिश कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था और फिर दिल्ली के अलग-अलग थानों में भेज दिया गया। अब सीजेपी का दावा है कि पुलिस ना तो इन लोगों को छोड़ रही है और ना इनके वकीलों को मिलने दिया जा रहा है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया था और कहा था कि जो भी माता-पिता अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर रहे हैं या उन्हें बाहर निकालने के लिए लीगल मदद की जरूरत है, वे इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद वह थाने भी पहुंचे थे और दावा किया था कि उन्होंने 70-80 छात्रों को बाहर निकालने में मदद की है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को सीजेपी और किसान संगठनों द्वारा आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं के संबंध में चार एफआईआर दर्ज की हैं और दो अन्य एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में सीजेपी के प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। छात्र संगठनों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र थे। प्रदर्शनकारियों से जुड़े वकीलों के अनुसार, हिरासत में लिए गए 38 लोगों को पहले बुराड़ी थाने ले जाया गया और बाद में शाम को छत्रसाल स्टेडियम शिफ्ट कर दिया गया।
वीकलों का क्या आरोप?
वकीलों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्टेडियम में हिरासत में लिये गए लोगों से मिलने या पुलिस अधिकारियों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं, औपचारिक गिरफ्तारी हुई है या आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे हिरासत में लिए गए लोगों तक पहुंच बनाने और उनके परिवारों से संपर्क कराने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।
सीजेपी द्वारा आहूत इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे, जिनमें छात्र संगठन आइसा, केवाईएस और एसएफआई के सदस्य तथा अन्य लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक और नई लागू की गई डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के कारण कक्षा 12 के परिणामों में बड़े पैमाने पर विसंगतियों को लेकर शिक्षा सुधारों की मांग कर रहे थे।
भाषा से इनपुट


