दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी कर रही छात्रा ने दी जान, मुंहबोले भाई की खुदकुशी से थी आहत
उत्तरी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा सिमरन ने फंदे से लटककर जान दे दी। वह यहां किराए के फ्लैट में रहती थी। सिमरन कथित तौर पर उसके एक मुंहबोले भाई द्वारा आत्महत्या किए जाने से परेशान थी।

हेमंत कुमार पांडेय, नई दिल्ली
दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में मुंहबोले भाई की खुदकुशी से आहत 23 वर्षीय एक छात्रा ने भी घटना के 24 घंटे बाद मंगलवार को खुदकुशी कर ली। पुलिस को दोनों मामलों में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय अंशुल आगरा का रहने वाला था। वह कुछ समय से स्वर्गाश्रम इलाके में किराये के फ्लैट में रहकर एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंशुल 6 माह से स्थानीय जिम में कसरत करने जाता था। यहीं उसकी मुलाकात 23 वर्षीय सिमरन से हुई। सिमरन भी स्वर्गाश्रम इलाके में किराये के फ्लैट में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। सिमरन उसे पढ़ाई में मार्गदर्शन करती थी, जिसकी वजह से अंशुल उसे बड़ी बहन मानता था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों मामलों में एफएसएल एवं क्राइम टीम को मौके पर बुलाया गया था। फॉरेंसिक टीम ने सबूत जमा कर जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस के अनुसार, अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। अन्य छात्रों और मृतकों के मोबाइल की सीडीआर से भी जांच की जा रही है।
खुदकुशी से पहले बहन को किया था फोन
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे अंशुल ने सिमरन को फोन किया। सिमरन व्यस्तता की वजह से फोन उठा नहीं पाई। उसने 15-20 मिनट बाद फोन देखकर कॉलबैक किया, लेकिन अंशुल ने फोन नहीं उठाया। सिमरन अंशुल के फ्लैट पर गई तो वह पंखे से लटका मिला। सिमरन ने अपने सहपाठी तनिष्क एवं दो-तीन अन्य साथियों को बुलाया। उन्होंने शव को पंखे से उतारा और फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंशुल के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद मंगलवार को शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
फोन न उठा पाने को मौत की वजह मान रही थी
वहीं, सिमरन को सहपाठियों ने मंगलवार शाम को उसके फ्लैट पर छोड़ दिया। इसके बाद सिमरन ने परिजनों से बातचीत की। रात करीब 11 बजे सिमरन ने भी फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। अंशुल की आत्महत्या से सिमरन काफी परेशान थी। उसके दोस्तों ने सिमरन को फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। जब वे फ्लैट पर पहुंचे तो पाया कि सिमरन ने भी आत्महत्या कर ली थी। सिमरन को लगता था कि अगर उसने अंशुल का फोन उठा लिया होता तो वह शायद आत्महत्या नहीं करता।


