
चैतन्यानंद ने लगाई यह गुहार, फैसला सुरक्षित; जमानत पर अब सोमवार को होगी सुनवाई
चैतन्यानंद सरस्वती ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से दिल्ली पुलिस की जब्त सामानों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। अदालत ने चैतन्यानंद सरस्वती की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
छेड़छाड़ मामले में आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से एक गुहार लगाई है। आरोपी चैतन्यानंद ने दिल्ली पुलिस की ओर से जब्त किए गए सामानों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। अदालत ने चैतन्यानंद सरस्वती की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीप्ति देवेश की अदालत ने मामले की फाइल के अध्ययन का हवाला देते हुए सुनवाई को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

इससे पहले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अतुल अहलावत की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद मामले को किसी अन्य अदालत को सौंपने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष भेज दिया गया था।
शुक्रवार को पटियाला हाउस जिला अदालत के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यह याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीप्ति देवेश की अदालत को सौंपी। चैतन्यानंद फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में कुछ दस्तावेजों की मांग संबंधी बाबा के आवेदन पर भी अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अब पटियाला हाउस अदालत सोमवार को स्वयंभू धर्मगुरु चैतन्यानंद सरस्वती की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। चैतन्यानंद दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में निदेशक पद पर काम कर रहे थे। उन पर एक निजी प्रबंधन संस्थान की 17 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप है।
चैतन्यान्द पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने छात्राओं को परीक्षा में फेल करने और उनका भविष्य बर्बाद करने की धमकी देकर उनका यौन शोषण किया। संस्थान की 17 से अधिक छात्राओं ने चैतन्यान्द पर जबरन यौन शोषण का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद चैतन्यानंद गायब हो गए थे। उनको 27 सितंबर को आगरा से अरेस्ट किया था। दूसरे दिन अदालत ने चैतन्यानंद को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था।





