Hindi Newsएनसीआर NewsCGWB report finds 13 to 15 percent of Delhi groundwater samples contaminated with uranium
दिल्ली के भूजल में 13 से 15 प्रतिशत तक यूरेनियम, हर रोज करीब 125 एमजीडी दोहन; सेहत को खतरा

दिल्ली के भूजल में 13 से 15 प्रतिशत तक यूरेनियम, हर रोज करीब 125 एमजीडी दोहन; सेहत को खतरा

संक्षेप:

शुक्रवार को जारी की गई वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 से संकेत मिलता है कि एकत्र किए कुल जल नमूनों में से 13 से 15 प्रतिशत यूरेनियम से प्रदूषित है। जल शक्ति मंत्रालय के तहत जारी केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की यह रिपोर्ट 2024 में पूरे भारत में एकत्रित लगभग 15000 नमूनों पर आधारित है।

Nov 28, 2025 09:39 pm ISTSubodh Kumar Mishra पीटीआई, नई दिल्ली
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शुक्रवार को जारी की गई वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 से संकेत मिलता है कि एकत्र किए कुल जल नमूनों में से 13 से 15 प्रतिशत यूरेनियम से प्रदूषित है। जल शक्ति मंत्रालय के तहत जारी केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की यह रिपोर्ट 2024 में पूरे भारत में एकत्रित लगभग 15000 नमूनों पर आधारित है।

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रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में निगरानी वाले 86 स्थानों में से कई मापदंडों पर नमूने भारतीय मानक ब्यूरो की पेयजल सीमा से अधिक थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अध्ययन से पता चलता है कि भारत में अधिकांश भूजल सुरक्षित है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यूरेनियम का स्तर बढ़ रहा है। इससे पेयजल की गुणवत्ता और स्वास्थ्य की सुरक्षा को खतरा है। इसके लिए नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर उपायों की जरूरत बताई गई है।

इसमें आगे कहा गया है कि विश्लेषण किए गए कुल 83 नमूनों में से 24 में यूरेनियम की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। यह कुल एकत्रित नमूनों का लगभग 13.35 प्रतिशत और 15.66 प्रतिशत है।

भूजल गुणवत्ता पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में भूजल गुणवत्ता पर मौसमी प्रभाव का आकलन करने के लिए मानसून-पूर्व और मानसून-पश्चात मौसमों के दौरान पहचाने गए ट्रेंड स्टेशनों से नमूने एकत्र किए गए थे। दोनों में संदूषण 30 भाग प्रति बिलियन (पीपीबी) से अधिक पाया गया।

सीजीडब्ल्यूबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्थानिक रूप से उत्तर-पश्चिमी भारत- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के कुछ हिस्से और उत्तर प्रदेश यूरेनियम संदूषण के मुख्य केंद्र के रूप में उभरे हैं। ऐसा संभवतः भू-जनित कारकों, भूजल में कमी और जलभृत की विशेषताओं के कारण है।

भूजल के नमूनों में नाइट्रेट और फ्लोराइड के स्तर का संदूषण भी पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। दिल्ली शहर की पेयजल जरूरतों के लिए लगभग 125 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) भूजल निकालता है।

पर्यावरण कार्यकर्ता पंकज कुमार ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और अन्य को लिखे अपने पत्र में कहा कि दिल्ली के नागरिकों को अपने घरों में आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता जानने का मौलिक अधिकार है। हम मांग करते हैं कि दिल्ली जल बोर्ड सभी चालू ट्यूबवेल और रेनी वेल की नवीनतम जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करे। दिल्ली जल बोर्ड लगभग 5000 ट्यूबवेल संचालित करता है।

भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरेनियम-दूषित भूजल का प्रभावी और पूर्ण समाधान खोजना आज की जरूरत बन गई है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra
सुबोध कुमार मिश्रा लाइव हिन्दुस्तान में दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों की गतिविधियों पर लिखते हैं। 17 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सेवाएं दे रहे सुबोध ने यूं तो डीडी न्यूज से इंटर्नशिप कर मीडिया में प्रवेश किया था, लेकिन पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत दैनिक जागरण, जम्मू से बतौर ट्रेनी 2007 में की। वह कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। वह दैनिक जागरण, नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स, अमर उजाला और हिन्दुस्तान अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल का अनुभव रखने वाले सुबोध मूलरूप से बिहार के छपरा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा से लेकर विज्ञान में स्नातक तक की पढ़ाई बिहार से की है। उसके बाद दिल्ली में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता व मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। सुबोध वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के स्टेट डेस्क पर काम कर रहे हैं। वह राजनीति और अपराध से जुड़ी खबरों में विशेष रूचि रखते हैं। और पढ़ें
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