
दिल्ली के भूजल में 13 से 15 प्रतिशत तक यूरेनियम, हर रोज करीब 125 एमजीडी दोहन; सेहत को खतरा
शुक्रवार को जारी की गई वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 से संकेत मिलता है कि एकत्र किए कुल जल नमूनों में से 13 से 15 प्रतिशत यूरेनियम से प्रदूषित है। जल शक्ति मंत्रालय के तहत जारी केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की यह रिपोर्ट 2024 में पूरे भारत में एकत्रित लगभग 15000 नमूनों पर आधारित है।
शुक्रवार को जारी की गई वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 से संकेत मिलता है कि एकत्र किए कुल जल नमूनों में से 13 से 15 प्रतिशत यूरेनियम से प्रदूषित है। जल शक्ति मंत्रालय के तहत जारी केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की यह रिपोर्ट 2024 में पूरे भारत में एकत्रित लगभग 15000 नमूनों पर आधारित है।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में निगरानी वाले 86 स्थानों में से कई मापदंडों पर नमूने भारतीय मानक ब्यूरो की पेयजल सीमा से अधिक थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अध्ययन से पता चलता है कि भारत में अधिकांश भूजल सुरक्षित है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यूरेनियम का स्तर बढ़ रहा है। इससे पेयजल की गुणवत्ता और स्वास्थ्य की सुरक्षा को खतरा है। इसके लिए नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर उपायों की जरूरत बताई गई है।
इसमें आगे कहा गया है कि विश्लेषण किए गए कुल 83 नमूनों में से 24 में यूरेनियम की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। यह कुल एकत्रित नमूनों का लगभग 13.35 प्रतिशत और 15.66 प्रतिशत है।
भूजल गुणवत्ता पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में भूजल गुणवत्ता पर मौसमी प्रभाव का आकलन करने के लिए मानसून-पूर्व और मानसून-पश्चात मौसमों के दौरान पहचाने गए ट्रेंड स्टेशनों से नमूने एकत्र किए गए थे। दोनों में संदूषण 30 भाग प्रति बिलियन (पीपीबी) से अधिक पाया गया।
सीजीडब्ल्यूबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्थानिक रूप से उत्तर-पश्चिमी भारत- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के कुछ हिस्से और उत्तर प्रदेश यूरेनियम संदूषण के मुख्य केंद्र के रूप में उभरे हैं। ऐसा संभवतः भू-जनित कारकों, भूजल में कमी और जलभृत की विशेषताओं के कारण है।
भूजल के नमूनों में नाइट्रेट और फ्लोराइड के स्तर का संदूषण भी पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। दिल्ली शहर की पेयजल जरूरतों के लिए लगभग 125 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) भूजल निकालता है।
पर्यावरण कार्यकर्ता पंकज कुमार ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और अन्य को लिखे अपने पत्र में कहा कि दिल्ली के नागरिकों को अपने घरों में आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता जानने का मौलिक अधिकार है। हम मांग करते हैं कि दिल्ली जल बोर्ड सभी चालू ट्यूबवेल और रेनी वेल की नवीनतम जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करे। दिल्ली जल बोर्ड लगभग 5000 ट्यूबवेल संचालित करता है।
भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरेनियम-दूषित भूजल का प्रभावी और पूर्ण समाधान खोजना आज की जरूरत बन गई है।





