काम की बात: नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, 65 KM लंबी सड़क से कम होगा दिल्ली का ट्रैफिक
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को नोएडा और फरीदाबाद से जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार 65 किलोमीटर लंबे एक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट पर विचार कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि इससे दिल्ली की कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक की भीड़ कम होगी।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को नोएडा और फरीदाबाद से जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार 65 किलोमीटर लंबे एक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट पर विचार कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि इससे कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक की भीड़ कम होगी। साथ ही माल ढोने वाले और शहर के अंदर से गुजरने वाले वाहनों के लिए एक वैकल्पिक कॉरिडोर तैयार होगा।
कई एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 7500 करोड़ रुपए है। इसे अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) के पूर्वी विस्तार के तौर पर प्लान किया गया है। यह गाजियाबाद और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों से गुजरने के बाद नोएडा से जुड़ेगा। इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यह हाईवे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा।
दिल्ली के लिए पूर्वी बाईपास का काम करेगा
प्रस्तावित मार्ग दिल्ली के लिए पूर्वी बाईपास का काम करेगा। खासकर उन वाहनों के लिए जो उत्तरी और पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच यात्रा करते हैं। इसके बनने से शहर के बीच से गुजरे बिना वाहन आ और जा सकेंगे। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक निरीक्षण के दौरान कहा कि इसका निर्माण कार्य इस साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
रिंग रोड पर ट्रैफिक दबाव को कम करेगा
इस प्रोजेक्ट की योजना दिल्ली के मौजूदा रिंग रोड नेटवर्क पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए बनाई गई है। अभी, एनएच-1 और एनसीआर के दक्षिणी हिस्सों के बीच चलने वाले वाहनों के लिए कोई बाईपास नहीं है। नतीजतन, उत्तरी दिल्ली, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से आने वाला भारी ट्रैफिक आश्रम चौराहा और मोदी मिल फ्लाईओवर कॉरिडोर से होकर गुजरता है। ये दोनों शहर के सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले दो रास्ते हैं।
डीपीआर तैयार करने की मंजूरी
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का मकसद माल ढोने वाले और अंदरूनी सड़कों से गुजरने वाले वाहनों को दूसरी तरफ मोड़ना है। इस प्रस्तावित रास्ते से लोनी, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, जेवर और फरीदाबाद जैसे शहरों की उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की मंजूरी दे दी गई है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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