दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में CBI की रेड, हेड कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, 2 और पुलिसवालों से पूछताछ
सीबीआई ने दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में छापेमारी कर एक हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा दो अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार रात दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में छापेमारी के बाद एक हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत मांगने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी के अलावा फिलहाल दो अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई के अफसर इस मामले में उनकी संलिप्तता का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हेड कॉन्स्टेबल को 20,000 रुपये की रिश्वत मांगते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था।
10 मार्च को अपने ही इंस्पेक्टर को किया था गिरफ्तार
इस बीच, इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल की दो दिन की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उन्हें शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई की स्पेशल जज ज्योति क्लेर की अदालत में पेश किया गया। इसके बाद पुलिस कस्टडी पूरी होने पर उन्होंने दिल्ली की एक अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल को सीबीआई की भ्रष्टाचार-रोधी शाखा (ACB) ने 10 मार्च को गिरफ्तार किया था।
2 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का है आरोप
सीबीआई के अनुसार, 10 मार्च को इंस्पेक्टर फल्सवाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी व्यक्ति से 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी, ताकि एजेंसी में कथित तौर पर दर्ज एक शिकायत पर कोई कार्रवाई न की जाए।
सुनवाई के दौरान, आरोपी ने अदालत में जमानत याचिका दायर की, जबकि सीबीआई ने अधिकारी की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए शनिवार की तारीख तय की। बचाव पक्ष ने न्यायिक हिरासत के अनुरोध का विरोध किया और सुनवाई के दौरान इस पर दलीलें पेश की गईं।
क्या है मामला
एफआईआर में कहा गया है कि यह मामला तब सामने आया, जब दक्षिण जिला पुलिस ने मैदानगढ़ी थाने में शुभम मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत को आगे बढ़ाया। मिश्रा ने आरोप लगाया कि खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल बताने वाला एक व्यक्ति 22 जनवरी को उनके महाबली पुरम, भाटी कलां स्थित घर पर आया था। उसने सीबीआई में कथित तौर पर उनके खिलाफ लंबित एक शिकायत का निपटारा करने के एवज में 2 करोड़ रुपये की मांगे थे। इस शिकायत के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।


