
हरियाणा के स्कूलों में फर्जी दाखिले व मिड-डे मील घोटाले की CBI जांच जल्द संभव, फरीदाबाद आ सकती है टीम
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में फर्जी दाखिले एवं मिड-डे मील घोटाला केस में सीबीआई की टीम फरीदाबाद आकर जांच कर सकती है। सीबीआई प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दाखिले के 10 वर्ष पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में फर्जी दाखिले एवं मिड-डे मील घोटाला केस में सीबीआई की टीम फरीदाबाद आकर जांच कर सकती है। सीबीआई प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दाखिले के 10 वर्ष पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसकी जांच को लेकर सीबीआई टीम का फरीदाबाद आना भी संभव है।

सीबीआई की टीम वर्ष 2014, 15, 16 के दौरान स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों एवं उनके अभिभावकों से भी बातचीत कर सकती है। बता दें कि इस मामले में स्मार्ट सिटी के 15 स्कूलों के प्रमुखों ने चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय में रिकॉर्ड भी जमा कराए हैं।
बता दें कि वर्ष 2013 तक रजिस्टर पर छात्रों का नाम लिखकर दाखिला होता था। इसके बाद एमआईएस पोर्टल लॉन्च होने से छात्रों के दाखिले सहित अन्य डेटा ऑनलाइन अपलोड करना शुरू कर दिया गया। शैक्षणिक सत्र 2014-15 व 2015-16 में छात्र संख्या में भारी गिरावट आ गई। बता दें कि फरीदाबाद में 12 से 15 हजार छात्रों का अंतर आया था।
इसी प्रकार पूरे प्रदेश में दाखिले गिरावट आई थी। दाखिला संख्या में गिरावट आने की जांच शुरू की गई तो कई प्रदेश के कई जिलों में अवैध दाखिले और मिड-डे मील घोटाला उजागर हुआ। सीबीआई की टीम प्रदेश के कई जिलों के सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड भी खंगाल चुकी है। अब जांच की आंच फरीदाबाद आने वाली है।
स्कूल प्रमुखों ने ये रिकॉर्ड जमा कराए
स्कूल प्रमुखों को सत्र 2014-15 और 2015-16 के लिए सभी कक्षाओं और सेक्शनों की मूल उपस्थिति रजिस्टर। मूल प्रवेश सह निकासी रजिस्टर, जिसमें सत्र 2014-15 और 2015-16 में प्रवेश लेने वाले या स्कूल छोड़ने वालेका रिकॉर्ड हो। विभिन्न प्रोत्साहनों के वितरण का रजिस्टर जैसे छात्रवृत्ति, मासिक वजीफा, वर्दी, स्टेशनरी, बैग और भोजन का पूरा रिकॉर्ड जमा कराने का आदेश दिया था।
इन स्कूलों ने जमा कराए
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक पाठशाला सराय ख्वाजा, सेहतपुर, तिलपत, एत्मादपुर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड फरीदाबाद, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बड़खल, ऊंचा गांव और चावला कॉलोनी सहित अन्य स्कूलों के मुखिया ने रिपोर्ट जमा की है।
अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी, ''यह मामला मेरे शिक्षा अधिकारी बनने से पहले है। इसके चलते इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। फर्जी दाखिले एवं मिड-डे मील घोटाला मामले में पूरे प्रदेश में ही जांच चल रही है। सरकार का सहयोग किया जाएगा।''





