दिल्ली में बिजली सब्सिडी वितरण योजना में भी मिली गड़बड़ी, कैग रिपोर्ट से खुलासा; जानें कैसे हुआ झोल
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बिजली सब्सिडी वितरण योजना से जुड़ी एक कैग रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। इसमें पूर्व की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के दौरान निष्क्रिय घरेलू बिजली कनेक्शनों को भी करोड़ों रुपये सब्सिडी दिए जाने की बात सामने आई है।

कैग रिपोर्ट में दिल्ली में बिना बिजली खपत वाले निष्क्रिय (डॉरमेन्ट) घरेलू कनेक्शनों को भी 42.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी दिए जाने का खुलासा किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखी। पूर्व दिल्ली सरकार के दौरान बिजली सब्सिडी वितरण योजना में वर्ष 2019-20 से 2022-23 के दौरान बड़ी खामियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की सब्सिडी नीति वास्तव में जरूरतमंद और वंचित वर्गों के पास नहीं पहुंच सकी। इसके बजाय घरेलू उपभोक्ताओं के लगभग पूरे वर्ग को इसका लाभ दिया गया।
कैग रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिमाह शून्य से 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को औसतन प्रति कनेक्शन करीब छह हजार रुपये सालाना सब्सिडी मिली। वहीं 201 से 400 यूनिट बिजली खर्च करने वाले लगभग 16.60 लाख उपभोक्ताओं को प्रति कनेक्शन दस हजार रुपये से अधिक की औसत सब्सिडी मिली। जो पहले वर्ग की तुलना में करीब 70 फीसदी अधिक है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई उपभोक्ताओं ने लगातार बिलिंग साइकिल तक शून्य बिजली खपत के बावजूद सब्सिडी प्राप्त की। वर्ष 2019 से 2023 के बीच कई ऐसे निष्क्रिय घरेलू कनेक्शनों पर कुल 42.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि एक अक्टूबर 2022 से कैबिनेट के निर्णय के बाद सब्सिडी केवल आवेदन करने वाले वास्तविक उपभोक्ताओं को देने की व्यवस्था लागू की गई। हालांकि, इससे सब्सिडी का बोझ कम नहीं हुआ क्योंकि विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं की संख्या वास्तविक लाभार्थियों से अधिक रही।
वर्ष 2019 में शुरू की थी योजना
दिल्ली सरकार ने अगस्त 2019 में यह योजना शुरू की थी। इसके अंतर्गत 200 यूनिट तक मासिक बिजली खपत पूरी तरह से मुफ्त और 201 से 400 यूनिट तक खपत करने वालों को अधिकतम 800 रुपये तक पचास फीसदी सब्सिडी दी जाती थी। रिपोर्ट के अनुसार बिजली सब्सिडी पर खर्च 2019-20 में दो हजार 405.59 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 3,161 करोड़ रुपये हो गया। कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 के दौरान विभिन्न सब्सिडी योजनाओं पर होने वाले कुल सरकारी व्यय का लगभग दस फीसदी हिस्सा सब्सिडी पर खर्च हुआ। इसमें से अकेले बिजली सब्सिडी का हिस्सा 66.96 से 70.39 फीसदी के बीच रहा। कुल उपभोक्ता में से घरेलू उपभोक्ता की संख्या लगभग 84 फीसदी है। इनके द्वारा कुल बिजली खपत का लगभग 60 फीसदी उपयोग किया जाता है। लेकिन, कुल वितरित सब्सिडी का 95 फीसदी से अधिक हिस्सा उन्हें मिला।
मुख्यमंत्री को राखी बांधकर आभार जताया
विधानसभा में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से पहुंची महिलाओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को राखी बांधकर लक्ष्मी योजना के लिए आभार जताया। महिलाओं ने कहा कि सरकार ने उनकी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देकर उन्हें विश्वास का नया आधार दिया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बहन और बेटी का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेखा गुप्ता ने महिलाओं का स्नेहपूर्ण अभिवादन करते हुए कहा कि उनके द्वारा बांधी गई राखी केवल एक पवित्र धागा नहीं बल्कि विश्वास, आत्मीयता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
हंगामे की बजाय जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो : सिरसा
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना और शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसलों से विपक्ष बौखला गया है। सिरसा ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंच है। विपक्ष को हंगामे की बजाय जनहित के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
विपक्ष को महिलाओं के हितों की परवाह नहीं : सूद
लक्ष्मी योजना पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदन से वॉकआउट करने पर मंत्री आशीष सूद ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के समय विपक्ष की अनुपस्थिति दर्शाती है कि वह इस चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहता।
नेता विपक्ष की गैर मौजूदगी पर उठाए सवाल
मॉनसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष आतिशी सदन में नहीं पहुंचीं। इसे लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सदन में कहा कि विपक्ष की नेता पहले ही दिन नहीं आई हैं। इसकी जगह वह गोवा में घूम रही हैं। वहीं, दिल्ली भाजपा ने विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष के न रहने पर चिंता जताई है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि विधानसभा सत्र से नेता प्रतिपक्ष आतिशी का नदारद रहना दर्शाता है कि आप संवैधानिक व्यवस्थाओं के प्रति गंभीर नहीं है।
आप विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगा
आप विधायकों ने 650 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले के खिलाफ शुक्रवार को विधानसभा में प्रदर्शन का विरोध जताया और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के इस्तीफे की मांग की। आप विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों ने ओआरएस पैकेट की माला पहनकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
शोर-शराबे की भेंट चढ़ा पहला दिन : कांग्रेस
दिल्ली कांग्रेस ने विधानसभा में पहले दिन के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि सत्र का पहला दिन शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लक्ष्मी योजना का बखान किया क्योंकि भाजपा सरकार के पास अपनी उपलब्धियां बताने के लिए कुछ और है ही नहीं।


