गुरुग्राम में फिर गरजे बुलडोजर, डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण जमींदोज
गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 में नगर योजनाकार टीम ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की। कई मकानों की स्टिल्ट पार्किंग और सेटबैक में अवैध रूप से बने कमरों, रसोई और शौचालयों को तोड़ दिया गया।

अमर मौर्य, गुरुग्राम
गुरुग्राम में एकबार फिर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई सामने आई है। गुरुग्राम जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन टीम ने डीएलएफ फेज-3 के वी-ब्लॉक में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से 7 मकानों की स्टिल्ट पार्किंग और सेटबैक में अवैध रूप से बनाए गए कमरों, शौचालयों और रसोई को ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही सड़क की 15 फुट जमीन और करीब 1.30 किलोमीटर लंबे रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हटाए गए अवैध निर्माण
डीटीपी की कार्रवाई के दौरान डीएलएफ फेज-3 के बी-33/6 में एस प्लस चार मकानों की स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए चार कमरे और दो शौचालय तथा सेटबैक में किए गए कवरेज को ध्वस्त किया गया। इसी प्रकार वी-33/7 में भी स्टिल्ट पार्किंग में बने चार कमरे, दो शौचालय और रियर सेटबैक में किए गए अवैध निर्माण को हटाया गया।
इन इलाकों में भी ऐक्शन
वी-34/16 में स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए बेडरूम, शौचालय और कीचन, वी-34/10ए में भी बेडरूम, शौचालय और कीचन को तोड़ दिया। इसके अलावा वह-35/13 में स्टिल्ट पार्किंग में बने चार कमरे और शौचालय तथा वी-35/11 में स्टिल्ट पार्किंग में दो ड्राइंग रूम, सर्वेंट रूम और शौचालय को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
सड़क की जमीन से भी अतिक्रमण हटाया
प्रवर्तन टीम ने अभियान के दौरान वी-35/21 में मकान मालिक द्वारा सड़क की करीब 15 फीट जमीन से अतिक्रमण को भी ध्वस्त कर खाली कराया। डीटीपीई अमिन मधोनिया ने कहा कि करीब 45 से 50 मकानों के सामने से लगभग 1.30 किलोमीटर लंबाई में रोड का राइट ऑफ वे (आरओडब्लू ) भी अतिक्रमण मुक्त कराया।
आगे भी जारी रहेगा अतिक्रमण के खिलाफ ऐक्शन
डीटीपीई अमिन मधोनिया ने कहा कि तोड़फोड़ के बाद निकलने वाले निर्माण और तोड़फोड़ मलबे (सीएंडडी वेस्ट) को हटाने के लिए डीएलएफ प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने डीएलएफ फेज तीन के वी-ब्लॉक और डब्ल्यू-ब्लॉक में जमा मलबे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल साफ कराने को कहा है। ताकि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन प्रभावित न हो। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे भी कार्रवाई की जाएगी।


