
दिल्ली के छतरपुर-सैदुलाजाब में खूब गरजा बुलडोजर; अवैध ढांचे किए जमींदोज
दिल्ली के छतरपुर और सैदुलाजाब में एमसीडी ने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कई व्यावसायिक संपत्तियों के अवैध हिस्सों को ढहा दिया गया। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
दिल्ली के छतरपुर और सैदुलाजाब में कथित अवैध अतिक्रमण पर एमसीडी की बुलडोजर कार्रवाई सामने आई है। एमसीडी की टीम ने 100 फुटा रोड पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान कई अवैध ढांचे जमींदोज कर दिए गए। इस कार्रवाई के दौरान निगम की टीम और दिल्ली पुलिस की टीमें भी मौजूद रहीं।
100 फुटा रोड पर ऐक्शन
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दक्षिण जोन के बिल्डिंग विभाग की टीम ने दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर और सैदुलाजाब इलाके में बुधवार को 100 फुटा रोड पर कई जगहों पर बने अवैध ढांचों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान निगम की टीम और दिल्ली पुलिस के जवान भी मौजूद रहे।
तीन जेसीबी ने गिराए अवैध ढांचे
हर आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें कार्रवाई के दौरान मुस्तैद रही। निगम की टीम भारी मशीनों और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंची। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध हिस्सों को गिराया गया।
न्यूमैटिक हैमर, गैस कटर का भी इस्तेमाल
इसके अलावा न्यूमैटिक हैमर, गैस कटर और बड़े हथौड़ों का इस्तेमाल किया गया, जिन जगहों पर कार्रवाई हुई, उनमें कई भोजनालय और मिठाई के व्यवसायिक प्रतिष्ठान की संपत्तियां शामिल थी।
शिकायतों पर ऐक्शन
निगम अधिकारियों ने बताया कि इस स्थान पर अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके बाद इन प्रतिष्ठानों एवं अवैध निर्माण व अतिक्रमण करने वालों को नियमों के तहत नोटिस दिए गए। इसके बाद बुधवार को यह कार्रवाई की गई।
जारी रहेगी सख्ती
अधिकारियों के अनुसार, बिना मंजूरी के या नियमों के खिलाफ किए गए अवैध निर्माणों पर आगे भी सख्ती जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। जिससे किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे थे, जिससे ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्या भी पैदा हो रही थी।
कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में विभिन्न जोन में सड़कों और अन्य स्थानों से अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अवैध डेयरियों के सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे को बुलडोजर से हटाने के भी निर्देश दिए हैं। निगम की कर्मचारियों की टीमें को इस संबंध में तैनात किया गया है।

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।




