
PFI के निशाने पर थे BJP-RSS के कुछ नेता, NIA ने पटियाला हाउस कोर्ट को क्या-क्या बताया
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को एनआईए द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 20 नेताओं और संगठन के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर दलीलें सुनीं। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि पीएफआई, भाजपा और आरएसएस नेताओं पर हमले का प्लान बना रहा था।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 20 नेताओं और संगठन के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर दलीलें सुनीं। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि पीएफआई, भाजपा और आरएसएस नेताओं पर हमले का प्लान बना रहा था। केंद्र सरकार ने 2022 में पीएफआई को बैन कर दिया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने एनआईए के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की कोर्ट में बहस के दौरान कहा कि भाजपा और आरएसएस के कुछ नेता पीएफआई के निशाने पर थे। कोर्ट ने एनआईए की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) राहुल त्यागी द्वारा दी गई दलीलें सुनीं। कोर्ट ने आरोपी व्यक्ति की ओर से दलीलें सुनने के लिए इस मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को तय की है।
एनआईए ने कहा कि पीएफआई दूसरे धर्मों के खिलाफ युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था। कुछ बीजेपी और आरएसएस के नेता पीएफआई के निशाने पर थे।
एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने यह भी कहा कि पीएफआई शरिया कानून के आधार पर खिलाफत स्थापित करने के लिए काम कर रहा था। उन्होंंने यह भी तर्क दिया कि पीएफआई देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
2022 में देशव्यापी कार्रवाई के दौरान एनआईए ने पीएफआई के कई नेताओं को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने पीएफआई को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीएफआई के नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।





