भाजपा विधायक ने गांधी की समाधि पर छिड़का गंगाजल, कहा- केजरीवाल सिसोदिया ने अपवित्र किया
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के राजघाट दौरे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर निशाना साधा है। इस बीच भाजपा विधायक रवि नेगी ने महात्मा गांधी की समाधि पर गंगाजल छिड़ककर विवाद को और बढ़ा दिया है।

नई दिल्ली में सियासी बयानबाजी एक बार फिर तीखी हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के राजघाट दौरे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर निशाना साधा है। इस बीच भाजपा विधायक रवि नेगी ने महात्मा गांधी की समाधि पर गंगाजल छिड़ककर विवाद को और बढ़ा दिया है।
केजरीवाल और सिसोदिया क्यों गए थे राजघाट
दरअसल, मंगलवार को केजरीवाल और सिसोदिया समेत AAP के कई नेता राजघाट पहुंचे थे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और सत्याग्रह के मार्ग पर चलने की शक्ति मांगी। यह दौरा आबकारी मामले को लेकर न्यायिक गतिरोध के बीच हुआ, जब केजरीवाल ने अदालत में पेश न होने और सत्याग्रह का रास्ता अपनाने की बात कही थी।
विधायक बोले- इन्होंने बापू की समाधि को अपवित्र किया
इस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘नाटक’ करार देते हुए कहा- न्यायपालिका को अपना काम करने देना चाहिए। इसी कड़ी में भाजपा विधायक रवि नेगी ने राजघाट पहुंचकर गांधी समाधि पर गंगाजल छिड़का। उन्होंने आरोप लगाया कि “भ्रष्टाचार के माफिया और शराब के दलाल केजरीवाल और मनीष सिसोदिया यहां आए थे और सत्याग्रह की बात कर रहे थे। ये वही लोग हैं जो जेल से होकर आए हैं। इन्होंने बापू की समाधि को अपवित्र किया है, इसलिए मैंने गंगाजल से इसे पवित्र किया।”
भाजपा के हमलों पर आप ने क्या जवाब दिया
इस घटनाक्रम ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि AAP नेतृत्व आबकारी मामले में घिरने के बाद गांधी के नाम का सहारा लेकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। वहीं AAP नेताओं का कहना है कि उनका सत्याग्रह लोकतांत्रिक अधिकारों और न्यायपालिका को मजबूत करने के उद्देश्य से है।
केजरीवाल ने राजघाट से कहा था कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण उन्हें सत्याग्रह का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का हवाला देते हुए अपने संकल्प को दोहराया।
आबकारी मामले में गांधी के नाम-प्रतीक भा शामिल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजघाट जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल पर हुए इस विवाद ने राजनीतिक बहस को नई दिशा दे दी है, जहां अब मुद्दा केवल आबकारी मामला नहीं, बल्कि गांधी के नाम और प्रतीकों के इस्तेमाल तक पहुंच गया है।
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Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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