आतिशी छुपा दी गई हैं या भगा दी गई हैं, यह तो केजरीवाल जानें; वीडियो विवाद के बीच BJP नेता

Jan 17, 2026 03:30 pm ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा सिख गुरु पर कथित टिप्पणियों से जुड़ी वीडियो को लेकर आप और भाजपा में घमासान मचा है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा ने आतिशी और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है।

आतिशी छुपा दी गई हैं या भगा दी गई हैं, यह तो केजरीवाल जानें; वीडियो विवाद के बीच BJP नेता

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा सिख गुरु पर कथित टिप्पणियों से जुड़ी वीडियो को लेकर आप और भाजपा में घमासान मचा है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा ने आतिशी और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने 6 जनवरी को की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों वाले वीडियो की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आतिशी ने गुनाह किया है। सचदेवा ने कहा कि मुझे हैरानी इस बात की हो रही है कि पंजाब सरकार ने किस तरह से कोर्ट के माध्यम से इस पूरे मामले को गुमराह करने की कोशिश की है। या उस पाप को छिपाने की कोशिश की है।

6 जनवरी को आतिशी ने विधानसभा के अंदर आपत्तिजनक टिप्पणी की। 7 जनवरी को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 7 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई और 8 जनवरी को फोरेंसिक जांच हो जाती है। सचदेवा ने कहा कि पूरी की पूरी पंजाब सरकार उस वीडियो को जो कि मूल वीडियो महीं है, उसको भी डॉक्ट (छेड़छाड़) करके कोर्ट को गुमराह करती है।

सचदेवा ने कहा कि आज विधानसभा अध्यक्ष ने उस वर्बिटम को भी दिखाया है, जिसमें आतिशी ने जो शब्द कहे हैं, वह उसमें रिकॉर्डेड है। सचदेवा ने कहा कि खुद गोपाल राय ने भी माना था कि आतिशी ने बोला था कि कुत्तों का सम्मान करो। जब पूरा सदन गुरु साहिबान के सम्मान में अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित कर रहा था, उनके बलिदान के गाथा को बता रहा था, उस समय आतिशी द्वारा इन शब्दों का इस्तेमाल किस परिपेक्ष्य में किया गया, इसका जवाब तो आतिशी को देना है, लेकिन वह तो लापता हैं। अब छुपा दी गई हैं या भगा दी गई हैं, यह तो केजरीवाल जानें।

बीजेपी नेता ने कहा कि आज जो रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष ने जारी की है, उसके बाद हमारी मांग है कि आतिशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पंजाब सरकार द्वारा अदालत में पेश किए गए छेड़छाड़ किए गए वीडियो की सीबीआई जांच होनी चाहिए। साथ ही आतिशी की विधानसभा सदस्यता निलंबित की जानी चाहिए।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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