बिट्टू बजरंगी संग पूजा नहीं महविश की होती शादी, दुल्हन बनकर करती बड़ा कांड; फिर क्यों पलट गई
नूंह हिंसा के आरोपी बिट्टू बजरंगी के साथ शादी को लेकर हुई ठगी की पूरी कहानी अब पुलिस सामने ला चुकी है। पुलिस ने ठगी के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बिट्टू बजरंगी मालदार नहीं लगा इसलिए सिर्फ 40 हजार लेकर छोड़ा। शादी के बाद होती बड़ी लूट।

नूंह हिंसा मामले में आरोपी और गौ रक्षा बजरंग फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी संग शादी के नाम पर हुई धोखाधड़ी की अब पूरी कहानी सामने आ गई है। इसके पीछे एक बड़ा गिरोह था जिसकी महिला सदस्यों से किसी की शादी कराई जाती थी। दुल्हन कुछ दिन पत्नी बनकर रहती थी और फिर लूटपाट करके भाग जाती थी। बिट्टू बजरंगी के साथ भी यही सब होने वाला था, लेकिन जब दुल्हन और उसके साथी बिट्टू बजरंगी के घर आए तो उन्होंने देख लिया था कि वह 'मालदार' नहीं है। इसलिए उन्होंने 40 हजार रुपये की ठगी करके ही शादी से इनकार कर दिया था। पुलिस ने ठगी करने वाले दंपति समेत पांच आरोपियों को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने शादी कराने का झांसा देकर 40 हजार रुपये से अधिक की ठगी की थी। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान अलीगढ़ निवासी दानिश चमन, महविश दानिश, सचिन, बुलंदशहर निवासी संजीव और प्रदीप के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह की मास्टरमाइंड रानी उर्फ लक्ष्मी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, संजय एन्क्लेव निवासी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी ने थाना सारन में शिकायत दर्ज कराई थी कि शादी कराने के नाम पर उससे 40 हजार रुपये से अधिक की ठगी की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका परिचित बंटी उर्फ अविनाश उसे शादी कराने के लिए अलीगढ़ की एक महिला रानी के संपर्क में लेकर गया। रानी ने उसे दो-तीन बार अलीगढ़ बुलाकर युवतियां दिखाई, लेकिन बात नहीं बनी।
शिकायतकर्ता के मोबाइल पर महविश दानिश की फोटो पूजा बताकर भेजी गई, जिसे उसने पसंद कर लिया। पांच सितंबर 2025 को आरोपी युवती के परिजन फरीदाबाद आ पहुंचे। प्रदीप ने खुद को लड़की का चाचा, संजीव ने काका, सचिन ने बिचौलिया, दानिश ने भाई बताकर विश्वास जीत लिया। आरोपियों ने टीके के नाम पर 11 हजार रुपये और शादी की तैयारियों के लिए 30 हजार रुपये ले लिए।
पत्नी को आरोपी ने बहन बताया था
अपराध शाखा प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि आरोपी महिला महविश दानिश और उसका पति दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए अपनी पत्नी का भाई बना था। उन्होंने बताया कि जिस घर से मोटा माल मिलने की उम्मीद होती है तो महिला शादी करके 10-12 दिन तक घर में रहती है। शादी से पहले ये दूल्हे के घर जाते हैं। इसका मकसद यह होता है कि यहां शादी करने के बाद माल मिलेगा या नहीं। आरोपी शिकायतकर्ता के घर भी आए थे। उन्होंने शिकायतकर्ता के घर के हालात देखे तो पता चला कि यहां कुछ हाथ नहीं लगने वाला है। इस वजह से उन्होंने शादी नहीं की।
पहले भी कई लोगों को ठग चुके
आरोपियों ने सात सितंबर 2025 को अलीगढ़ के एक मंदिर में शादी कराने का वादा किया, लेकिन तय तारीख पर बिट्टू बजरंगी मंदिर पहुंचा तो वहां कोई नहीं मिला। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी पहले भी इसी तरह लोगों को शादी का झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। महिला आरोपी महविश दानिश पहले भी शादी के नाम पर ठगी के दो मामलों में जेल जा चुकी है। इसके अलावा प्रदीप भी अलीगढ़ और डासना जेल में बंद रह चुका है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि अपराध शाखा की टीम इस गिरोह की मास्टरमाइंड रानी उर्फ लक्ष्मी की तलाश में छापेमारी कर रही है।
बिट्टू बजरंगी ने कहा था- हत्या की थी साजिश
गत वर्ष शादी के नाम पर ठगी होने पर शिकायतकर्ता बिट्टू बजरंगी ने प्रेसवार्ता कर दावा किया था कि शादी का झांसा देकर उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस को इस पहलू से इस मामले की जांच करनी चाहिए। इससे पहले भी बिट्टू बजरंगी का विवादों से नाता रहा है। नूंह हिंसा से बजरंगी सुर्खियों में आया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से एक वर्ग में आक्रोश पैदा हो गया था। पुलिस ने बजरंगी के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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