भाषा को लेकर ताने और फिर बेहोश होने तक पीटा, बिहार के युवक पर गुरुग्राम में हमला
गुरुग्राम में भाषा को लेकर हुए झगड़े के बाद बिहार के युवक की जमकर पिटाई की गई। उसे तब तक पीटा गया जब तक बेहोश नहीं हो गया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

दिल्ली में कथित तौर पर बिहारी होने की वजह से हाल ही में की गई एक हत्या के बाद अब गुरुग्राम में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। आरोप है कि भाषा से जुड़े विवाद के बाद बिहार के एक युवक को बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने पीड़ित पर तब तक थप्पड़ और मुक्के बरसाए, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने डीएलएफ फेज-तीन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के ग्राम संदेरा के रहने वाले आदित्य राज पाण्डेय डीएलएफ फेज-3 के यू-ब्लॉक में किराए पर रहते हैं। वह सेक्टर-48 स्थित टेलीपरफॉर्मेंस कंपनी में नौकरी करते हैं। 20 मई 2026 की रात को उनके सहकर्मी और दोस्त अंश त्यागी ने फोन कर उन्हें अपने एक अन्य दोस्त जोएल के कमरे पर मिलने के लिए बुलाया। आदित्य रात करीब दो बजे जब दोस्त के कमरे पर पहुंचे, तो वहां पहले से ही अंश त्यागी, जोएल के अलावा उदय सनसनवाल, निखिल सनसनवाल और एक लड़की मौजूद थे। कुछ देर बाद जोएल बाजार से खाने पीने का सामान लेने चला गया। बताया जा रहा है कि कमरे में मौजूद उदय और निखिल शराब के नशे में धुत थे।
भाषा को लेकर कसे ताने
पीड़ित आदित्य ने बताया कि बातचीत के दौरान अचानक उदय और निखिल उनके रहने के स्थान और उनकी भाषा को लेकर ताने कसने लगे। उन्होंने कहा हमें तुम्हारी भाषा समझ में नहीं आ रही है। दोनों गाली-गलौज पर उतर आए। आदित्य ने जब आपत्ति जताई, तो आरोपी उदय ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। वहां मौजूद दोस्त अंश त्यागी ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन नशे में धुत उदय और निखिल ने आपा खो दिया। दोनों ने मिलकर आदित्य को घेर लिया और उसके सिर, चेहरे और आंखों पर ताबड़तोड़ थप्पड़ और मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। इसी बीच जोएल भी वापस आ गया। अंश और जोएल ने बड़ी मुश्किल से आदित्य को बचाया।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की दबिश जारी
डीएलएफ फेज-3 थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करेंगे।
‘दोस्त नहीं बचाते तो आरोपी मार डालते’
पीड़ित आदित्य राज पाण्डेय का कहना है कि अगर दोनों दोस्त अंश त्यागी और जोएल समय पर नहीं बचाते, तो आरोपी उसे जान से मार डालते। वारदात को अंजाम देकर आरोपी जाते-जाते जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। गंभीर चोटों के कारण आदित्य मौके पर ही बेहोश हो गए थे। उनका दोस्त जोएल उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
15 सालों का अनुभव
सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।
विश्वसनीय खबरों का लेखन
सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।
शिक्षा और सम्मान
सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप


