शराब की बड़ी दुकान, प्रति बोतल ज्यादा मार्जिन; ऐसा हो सकता है दिल्ली की नई आबकारी नीति का मसौदा
दिल्ली शहर में 700 से ज्यादा शराब की दुकानें हैं, जिनका संचालन चार सरकारी निगमों- दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक विक्रेता भंडार द्वारा किया जाता है।

दिल्ली की नई आबकारी नीति के मसौदा प्रस्तावों में शराब की बड़ी एवं बेहतर दुकानों के प्रावधान और खुदरा विक्रेताओं के लिए प्रति बोतल मार्जिन बढ़ाने की सिफारिशें शामिल हो सकती हैं। इसके तहत देश में बनी विदेशी शराब के लिए और आयातित विदेशी शराब के लिए मार्जिन बढ़ाया जा सकता है। एक आधिकारिक सूत्र ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता वाली एक समिति यह मसौदा तैयार कर रही है, जो कि फिलहाल अंतिम चरण में है।
सूत्र ने बताया कि समिति की बैठक शुक्रवार को होनी थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्र ने कहा, 'नई नीति के मसौदे में मौजूदा खुदरा ढांचे को जारी रखने का प्रस्ताव है, जिसमें दिल्ली सरकार की चार कंपनियां शहर में शराब की दुकानें चलाएंगी और कोई इसमें कोई भी निजी कंपनी शामिल नहीं होगी।'
उन्होंने कहा कि नई आबकारी नीति में देश में बनी विदेशी शराबों के लिए मौजूदा 50 रुपए और आयातित विदेशी शराब के लिए 100 रुपए प्रति बोतल तक मार्जिन बढ़ाने का प्रस्ताव हो सकता है। बढ़े हुए मार्जिन से खुदरा शराब विक्रेताओं को सस्ती शराब रखने के बजाय महंगी शराब और विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का स्टॉक करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
सूत्र ने बताया कि, 'नई नीति में यह सुझाव भी दिया जा सकता है कि निगमों को बेहतर उपभोक्ता अनुभव के लिए मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में बड़ी और बेहतर शराब की दुकानें खोलनी चाहिए।' वर्तमान में, कई खुदरा दुकानें छोटी और किराए की जगहों पर संचालित होती हैं, जिससे भीड़भाड़ हो जाती है और लोग अपनी बारी के लिए धक्का-मुक्की करते हैं।
सूत्र का कहना है कि मसौदे में शराब की दुकानों को आवासीय क्षेत्रों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों जैसे निषिद्ध स्थानों से यथासंभव दूर रखने का प्रस्ताव हो सकता है।
बता दें कि फिलहाल दिल्ली शहर में 700 से ज्यादा शराब की दुकानें हैं, जिनका संचालन चार सरकारी निगमों- दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक विक्रेता भंडार द्वारा किया जाता है।
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Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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