भजनपुरा-यमुना विहार रूट पर खत्म होगा जाम, दिल्ली के पहले डबल-डेकर फ्लाईओवर का काम तेज
Delhi News : दिल्ली के पहले डबल-डेकर कॉरिडोर पर अब वाहनों की रफ्तार भी दिखेगी। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद DMRC ने अब फ्लाईओवर के रैंप बनाने की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले 6 महीनों में यमुना विहार से भजनपुरा के बीच वाहन चालक फ्लाईओवर का इस्तेमाल कर सकेंगे।

Delhi News : दिल्ली में पिंक लाइन पर डबल डेकर कॉरिडोर के अधूरे पड़े फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अगले डेढ़-दो महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद छह माह में इस कॉरिडोर के फ्लाईओवर का रैंप बनकर तैयार हो जाएगा।
इससे दिल्ली के पहले डबल डेकर कॉरिडोर पर वाहन भी जल्द रफ्तार भर सकेंगे। फेज चार में बने पिंक लाइन एक्सटेंशन के मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर यमुना विहार से भजनपुरा के बीच डबल डेकर का निर्माण मेट्रो कॉरिडोर के साथ शुरू हुआ था। इस कॉरिडोर के सबसे ऊपरी डेक पर मेट्रो का कॉरिडोर बनाया गया है। जिस पर आठ मार्च से मेट्रो का परिचालन शुरू हो चुका है, लेकिन फ्लाईओवर का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। 1.4 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर फ्लाईओवर का वायाडक्ट बन चुका है।
फ्लाईओवर के दोनों तरफ रैंप बनेंगे
अब डीएमआरसी ने फ्लाईओवर के दोनों तरफ रैंप बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुल के दोनों ओर रैंप बनाकर उसे सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह कॉरिडोर वाहनों के आवागमन के लिए भी तैयार हो जाएगा।
डीएमआरसी 90 नए कोच खरीदेगा
दिल्ली मेट्रो फेज चार के इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर के लिए 90 नए मेट्रो कोच खरीदेगा। इससे छह कोच की 15 नई मेट्रो ट्रेन तैयार हो सकेंगी। डीएमआरसी ने इन नई ट्रेन को खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर मजेंटा लाइन का एक्सटेंशन है। इसके बनकर तैयार होने पर इन नई स्वचालित मेट्रो ट्रेन का परिचालन होगा। खास बात यह है कि डीएमआरसी फेज चार की परियोजनाओं के लिए अब तक कुल 470 नए मेट्रो कोच खरीदने की पहल कर चुकी है। इससे मेट्रो नेटवर्क में ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी।
वर्ष 2029 तक बनकर तैयार होना है
इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर के लिए स्टैंडर्ड गेज के 90 कोच खरीदने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इस कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है और यह वर्ष 2029 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसलिए इस कॉरिडोर के लिए खरीदी जा रही मेट्रो ट्रेन अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से मेट्रो नेटवर्क में शामिल होंगी। फेज पांच ए में स्वीकृत आरके आश्रम-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर भी मजेंटा लाइन का एक्सटेंशन है। इस वजह से फेज चार व फेज पांच ए की परियोजनाएं पूरी होने पर मजेंटा लाइन की लंबाई 89 किलोमीटर हो जाएगी। ऐसे में आगे चलकर मजेंटा लाइन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी।


