
दिल्ली में बारापुला फेज-3 का निर्माण कार्य तेज, मयूर विहार से सराय काले खां जाना होगा आसान
दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक बारापुला फ्लाईओवर के फेज-3 का निर्माण कार्य तेज हो गया है। पेड़ हटाने की अनुमति मिलने के बाद से 6 नए पिलर बनाए जा चुके हैं, बाकी 9 पिलर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद स्पैन डालने का काम किया जाएगा।
दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक बारापुला फ्लाईओवर के फेज-3 का निर्माण कार्य तेज हो गया है। पेड़ हटाने की अनुमति मिलने के बाद से 6 नए पिलर बनाए जा चुके हैं, बाकी 9 पिलर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद स्पैन डालने का काम किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों का दावा है कि दो तरफ 250-250 मीटर के बचे हुए निर्माण कार्य को जून में पूरा कर लिया जाएगा। फ्लाईओवर के निर्मित हिस्से पर जहां पर कारपेटिंग नहीं हुई, वहां पर फिनिशिंग टच देने का काम साथ-साथ चल रहा है। इस फेज का काम पूरा होने पर पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद के लोगों का एम्स तक पहुंचना आसान हो जाएगा। साथ ही इससे एम्स जाने वाले वाहनों का सराय काले खां की सड़क पर दबाव कम होगा। डीएनडी और एनएच-9 पर भी वाहनों का बोझ कम होगा।
नौ किलोमीटर का काम वर्षों पहले हो गया था
बारापुला फ्लाईओवर का सराय काले खां से आईएनए मार्केट तक दो चरणों में करीब साढ़े नौ किलोमीटर का काम वर्षों पहले हो गया था। उस पर वाहन दौड़ रहे हैं। इसके फेज-3 कॉरिडोर के तहत मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां के बीच करीब साढ़े तीन किलोमीटर हिस्से पर काम 95 फीसदी पूरा हो चुका है।
बीस मिनट में पहुंचेंगे एम्स
इस फेज का काम पूरा होने पर मयूर विहार फेज-एक से एम्स तक पहुंचने में 20 मिनट का समय लगेगा। अभी डीएनडी और एनएन-नौ से सराय काले खां होते हुए एम्स जाने तक 40 से 50 मिनट लगते हैं। बीच-बीच में कई स्थानों पर जाम से जूझना पड़ता है।
परियोजना में कब क्या हुआ
● सितंबर 2014 को शिलान्यास हुआ
● अप्रैल 2015 में निर्माण शुरू हुआ
● पहले डेडलाइन अक्टूबर 2017 थी, बाद में इसमें बदलाव होता रहा
● पेड़ हटाने की अनुमति मिलने के बाद से छह नए पिलर बनाए गए
● पिलर बनाने के बाद स्पैन डालने का काम शुरू किया जाएगा





