बांग्लादेश से आकर दिल्ली-NCR में मचाते थे आतंक, गुरुग्राम में दबोचे गए 'इंटरनेशनल लुटेरे'
गुरुग्राम में पूर्व कर्नल के घर में लूटपाट के आरोप में चार बांग्लादेशी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बांग्लादेश से आकर दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे और फिर अपने मुल्क में जाकर छिप जाते थे।

गुरुग्राम पुलिस ने 4 ऐसे 'इंटरनेशल लुटेरों' को पकड़ा है जो बांग्लादेश से आकर भारत में 'लूट का आंतक' मचा रहे थे। पालम विहार के सेक्टर-23 में पूर्व कर्नल के मकान में बेटे, बहू और नातिन को बंधक बनाकर लूटपाट करने के बाद इन चार शातिर बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा गया है। पालम विहार क्राइम ब्रान्च ने जिन बदमाशों को गिरफ्तार किया है वे पॉश इलाकों में रेकी कर हथियारों के बल पर लूट और डकैती की वारदात को अंजाम देने में माहिर है। दिल्ली-एनसीआर में वारदातों को अंजाम देने के बाद ये बांग्लादेश भाग जाते थे और फिर बाद में आकर नई घटना को अंजाम देते थे।
अंडपास में कूदने से घायल हुए बदमाश
मंगलवार को द्वारका रोड के पास बजघेड़ा अंडरपास पर जब पुलिस ने बदमाशों को घेरा तो खुद को बचाने के लिए चारों बदमाशों ने अंडरपास में छलांग लगा दी। इस कोशिश में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। तीन आरोपियों के पैरों में और एक के हाथ में फ्रैक्चर आया है। फिलहाल चारों को पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
पूर्व कर्नल के घर में की थी लूट
पुलिस ने बताया कि चार जून की रात को सेक्टर-23 में रहने वाले पूर्व कर्नल के परिवार के घर में इन बदमाशों ने धावा बोला था। शिकायतकर्ता के मुताबिक देर रात चारों बदमाश मकान के पीछे की खिड़की की लोहे की ग्रिल काटकर अंदर दाखिल हुए। बदमाशों ने घर में मौजूद मां और बेटी को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद घर में रखे 12 लाख रुपये के जेवरात और आठ हजार रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने पालम विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच कर रही थी।
रेकी कर वारदात करते थे
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले दिल्ली-एनसीआर के पॉश इलाकों में घूमकर बड़े मकानों की रेकी करते थे। मकान का चयन होने के बाद हथियारों के साथ धावा बोलते थे। इस बार भी इनकी योजना गुरुग्राम में बड़ी वारदात को अंजाम देकर सीधे बांग्लादेश भागने की थी, लेकिन इससे पहले कि ये देश छोड़ पाते, गुरुग्राम पुलिस ने इन्हें दबोच लिया। पुलिस मामले में जांच कर रही।
दिल्ली के संगम विहार को बनाया था सेफ हाउस
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये चारों आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। इन्होंने दिल्ली के संगम विहार (वजीराबाद) में अपना ठिकाना बना रखा था। हिलाल पर 12 मामले दिल्ली में डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के दर्ज है। मोहम्मद खैरुल अरमान पर आठ मामले हरियाणा, दिल्ली और यूपी में हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट के दर्ज है। मोहम्मद मामन पर तीन अभियोग दिल्ली और गुरुग्राम में लूट व डकैती के मामले दर्ज है। मामो खान पर एक अभियोग दिल्ली में चोरी का दर्ज है।
अस्पताल से छुट्टी मिलने पर होगी पूछताछ
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल चारों आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जैसे ही डॉक्टरों द्वारा इन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा, नियमानुसार इन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस इन बदमाशों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाएगी कि इनके इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, इन्होंने लूटा हुआ माल कहां छुपाया है और एनसीआर में ये अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
अस्पताल में हैं बदमाश
बजघेड़ा अंडरपास से पुलिस टीम ने हिलाल, मामो खान, मोहम्मद खैरुल अरमान और मोहम्मद मामन निवासी बांग्लादेश को दबोचा लिया। अंडरपास में कूदने के बाद आरोपी खैरुल उर्फ अरमान की दोनों टांगें टूट गईं। वहीं, मामन और हिलाल के एक-एक पैर में गंभीर फ्रैक्चर आया है। चौथे आरोपी मामो खान का हाथ टूट गया है। पुलिस ने चारों को तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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