बांग्लादेश ने बंगाल जीतने में भाजपा की बहुत मदद की, अवध ओझा ने 3 फैक्टर में समझाई पूरी कहानी
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अवध ओझा ने कहा- इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बंगाल जीतने में बांग्लादेश ने भाजपा की बहुत मदद की है। इसके बाद अवध ओझा ने इसके पीछे की पूरी कहानी समझाते हुए 3 फैक्टर का भी जिक्र किया, जिसने भाजपा को बंगाल की कुर्सी तक पहुंचा दिया।

"बंगाल चुनाव जीतने में बांग्लादेश ने भाजपा की बहुत मदद की है।" ये कहना है अवध ओझा का। उन्होंने एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा- "इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बंगाल जीतने में बांग्लादेश ने भाजपा की बहुत मदद की है।" इसके बाद अवध ओझा ने इसके पीछे की पूरी कहानी समझाते हुए 3 फैक्टर का भी जिक्र किया, जिसने भाजपा को बंगाल की कुर्सी तक पहुंचा दिया।
दीपू दास केस को बताया बांग्लादेश की मदद वाला फैक्टर
अवध ओझा ने पॉडकास्ट में कहा- “बंगाल चुनाव जीतने में बांग्लादेश ने भाजपा की बहुत मदद की है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। खासकर दीपू दास की हत्या ने। जिस तरह इस घटना को प्रमोट किया गया; उसके वीडियो वायरल हुए- मारते हुए, पीटते हुए, घसीटते हुए। इससे कहीं न कहीं सेंटीमेंट पैदा हो ही जाते हैं।”
दीपू दास केस ने नेरेटिव सेट किया
अपनी बात रखते हुए अवध ओझा ने आगे कहा- "दीपू दास अकेला नहीं था। पुलिस के संरक्षण में था। ऐसे में वो लोग एक नेरेटिव सेट करना चाहते थे- अगर मुसलमान की जनसंख्या बढ़ी, तो पुलिस भी तुझे नहीं बचा पाएगी। अवध ओझा ने आगे कहा- ऐसा मैं सोचता हूं कि यही नेरेटिव सेट करना था।
हिंदुओं में जबरदस्त छाप छोड़ी
दीपू दास को मैं देखता हूं कि वो पुलिस स्टेशन में है। पुलिस वाले उसे लेकर निकलते हैं और समझाते हैं कि कुछ नहीं होगा। लेकिन, फिर वो मुसलमान भीड़ को सौंप देते हैं। ये जो स्टोरी है, इसने बंगाल के हिंदुओं पर जबरदस्त छाप छोड़ी।
3 घटनाएं जीत का सबसे बड़ा फैक्टर साबित हुईं
अवध ओझा ने इसके बाद 3 घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा- मैं समझ गया था कि बंगाल में इनका अच्छा खेल चल जाएगा। पहला- एक मौलाना साहब स्क्रीन पर आते हैं और कहते हैं कि मैं तो सरिया को मानता हूं। हम संविधान को नहीं मानते हैं। फिर दूसरा वो दीपू दास वाला कांड हो गया। इसके बाद तीसरी सबसे बड़ी बात जिसने आम जनमानस को दुख पहुंचाया होगा। बंगाल में बाबरी मस्जिद का बनना। इस कदम पर कांग्रेस बौखला गई थी। ये जो घटनाएं घट रहीं थीं, मैं इन्हें कनेक्ट कर रहा था।
दिल्ली की हार से दीदी ने कुछ नहीं सीखा
इसी बातचीत के दौरान अवध ओझा ने दिल्ली हार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- बंगाल में भाजपा की जीत के कई सारे फैक्टर हैं। दिल्ली की हार से ममता दीदी ने कुछ नहीं सीखा। बाकी ओवरऑल पार्टी की तारीफ करते हुए अवध ओझा ने कहा- मैंने अब तक किसी पार्टी में भाजपा जैसा डेडिकेशन नहीं देखा है। पूरे भारत का आदमी बंगाल पहुंच जाएगा। हर आदमी पहुंचा है और किसी न किसी को समझा ही रहा है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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