बाबा साहब के संविधान ने दी ताकत; राघव चड्ढा ने बताया डरकर नहीं बल्कि इस वजह से AAP को छोड़ा

एएनआई, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

चड्ढा ने कहा, 'जो लोग यह कह रहे हैं कि खासतौर पर आम आदमी पार्टी के नेता कि हम लोग डरकर गए हैं, तो हम उन्हें बता दें कि हम डरकर नहीं, निराश होकर गए हैं। हम डरकर नहीं बल्कि चिढ़कर हमने आम आदमी पार्टी को छोड़ा है।'

राघव चड्ढा ने बताया डरकर नहीं बल्कि इस वजह से AAP को छोड़ा, बोले- बाबा साहब के संविधान ने कौन सी ताकत दी

आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के एक दिन बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एकबार फिर अपनी पूर्व पार्टी पर जमकर हमला बोला और पार्टी के गलत हाथों में चले जाने का आरोप लगाया। चड्ढा का कहना है कि आम आदमी पार्टी अब भ्रष्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) हाथों में चली गई है, इसी वजह से हर ईमानदार और मेहनती व्यक्ति को लगता है कि अब वहां काम करने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह अधिकार उन्हें बाबा साहब आंबेडकर के बनाए संविधान ने दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी डर की वजह से आम आदमी पार्टी को नहीं छोड़ा है, बल्कि AAP से निराशा, घुटन व घृणा होने की वजह से छोड़ा है।

एएनआई से बात करते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद ने कहा, 'आज हर वो सच्चा देशभक्त आदमी जिसने आम आदमी पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा, और जो बड़ी उम्मीदों के साथ आम आदमी पार्टी से जुड़ा था, आज हर वो व्यक्ति या तो आम आदमी पार्टी को छोड़ चुका है, या छोड़ रहा है। क्योंकि हर ईमानदार व मेहनतकश आदमी को लगता है कि अब आम आदमी पार्टी में काम करने की जगह नहीं बची है और यह पार्टी अब एक ऐसे गलत रास्ते पर चल रही है, जिससे कोई अपना नाता नहीं रखना चाहता। इसी के चलते एक-एक करके तमाम लीडर्स ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है।'

'बाबा साहब के संविधान ने हमें यह ताकत दी'

आगे आम आदमी पार्टी को छोड़ भाजपा में जाने पर राघव चड्ढा ने कहा, ‘बाबा साहब आंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान चुने हुए सांसदों को यह ताकत देता है, यह प्रावधान देता है कि यदि उन्हें ऐसा महसूस हो कि उनकी पार्टी करप्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड हाथों में चली गई है या गलत रास्ते पर चली गई है तो वे अपनी पार्टी को त्याग सकते हैं। अधिकांश सांसद यदि चाहें तो उसके लिए दो तिहाई या दो तिहाई से ज्यादा की लिमिट तय की गई है।’

'यहां तो 7 सांसदों का मानना है कि AAP करप्ट हाथों में है'

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, 'इस केस में तो एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, चार नहीं, पांच नहीं, छह नहीं, बल्कि सात सांसद मिलकर आम आदमी पार्टी को मिलकर त्याग रहे हैं, छोड़ रहे हैं, क्योंकि वे लोग यह मानते हैं कि आम आदमी पार्टी करप्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों के हाथ में जा चुकी है।'

'हम डरकर नहीं, बल्कि इस वजह से AAP छोड़कर गए'

आगे उन्होंने कहा, 'और जो लोग यह कह रहे हैं कि खासतौर पर आम आदमी पार्टी के नेता कि हम लोग डरकर गए हैं, तो हम उन्हें बता दें कि हम डरकर नहीं, निराश होकर गए हैं। हम डरकर नहीं बल्कि चिढ़कर आम आदमी पार्टी को छोड़ा है।'

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsबाबा साहब के संविधान ने दी ताकत; राघव ने बताया डरकर नहीं, इस वजह से AAP को छोड़ा