
सनातन हिंदू एकता को बाबा बागेश्वर की एक और हुंकार, दिल्ली से वृंदावन तक आज करेंगे पदयात्रा
संक्षेप: बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री आज दिल्ली से अपनी ‘सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा’ शुरू करने जा रहे हैं। वृंदावन तक जाने वाली इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत दिल्ली के छतरपुर से होगी। इस यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति और अध्यात्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज दिल्ली से अपनी ‘सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा’ शुरू करने जा रहे हैं। वृंदावन तक निकाली जाने वाली इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत दिल्ली के छतरपुर से होगी, जो हरियाणा से होकर गुजरेगी। 10 दिवसीय इस पदयात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति और अध्यात्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। सनातन एकता पदयात्रा में शामिल होने देशभर से सनातनी हिंदू गुरुवार को ही दिल्ली के छतरपुर स्थित मां कात्यायनी मंदिर पर पहुंच गए थे।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस यात्रा का मकसद हिंदुओं में जागरूकता फैलाना, जाति-आधारित बंटवारे को खत्म करना और देश में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करना है।
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तीन राज्यों- दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की इस यात्रा का मकसद जाति आधारित भेदभाव को खत्म करके और शांति और राष्ट्रवाद का संदेश फैलाकर हिंदुओं के बीच एकता को बढ़ावा देना है। यह हमारे जीवन की दूसरी पदयात्रा है। हम सिर्फ हिंदुओं में जागरूकता चाहते हैं। हमें जातिवाद और भेदभाव को जड़ से खत्म करना है... हम इस देश में राष्ट्रवाद चाहते हैं, जातिवाद नहीं... हम चाहते हैं कि हमारे हिंदू बच्चे और आपके बच्चे सुरक्षित रहें, और इस देश का इस्लामीकरण न हो... इस देश में कोई दंगा नहीं होना चाहिए। गंगा बहनी चाहिए। इसीलिए हम यह पदयात्रा करने जा रहे हैं। हम इस देश के हिंदुओं के लिए लड़ने जा रहे हैं... जातियां हो सकती हैं, लेकिन जातिवाद नहीं होना चाहिए... देश सबका है। यह हर उस पार्टी की पदयात्रा है, जिसमें हिंदू हैं। इसीलिए हमने सबको बुलाया है। अगर इस देश में जातियों के बीच लड़ाई खत्म हो जाएगी, तो हिंदू एकजुट हो जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि पदयात्रा की शुरुआत राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा से होगी और बताया कि देशभर से लगभग 40,000 लोगों ने इस यात्रा में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
रोज सात कसमें खाई जाएंगी
बाबा बागेश्वर ने कहा, "यह 145 किलोमीटर लंबी है... पदयात्रा की शुरुआत राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा से होगी। रोज सात कसमें खाई जाएंगी। बागेश्वर धाम में पहले ही करीब 40,000 पदयात्रा करने वालों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वे पूरे भारत से, हर कोने से, हर गली से आ रहे हैं। इस देश में 80 करोड़ हिंदू रहते हैं। हम हर गांव और हर गली तक पहुंचकर उन सभी हिंदुओं के लिए लड़ रहे हैं। हमारा एकमात्र मकसद इस देश में हिंदू एकता, सनातन एकता सुनिश्चित करना है। हम मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुओं के समर्थन में मार्च कर रहे हैं... जो लोग हिंदुत्व से प्यार करते हैं, सनातन से प्यार करते हैं, तिरंगे से प्यार करते हैं, वे इस पदयात्रा में आ रहे हैं। कुछ लोग तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं। हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, “हमने सभी पार्टियों को बुलाया... हमने सभी पार्टियों के प्रेसिडेंट्स को चिट्ठियां भेजीं। जिन्हें हिंदुत्व का जुनून है, हिंदुत्व की विचारधारा का जुनून है। अगर वे आते हैं, तो उनका स्वागत है।”
(एएनआई के इनपुट के साथ)





