
अवैध संबंध के विरोध पर तुड़वाए पति के हाथ-पैर, पत्नी-प्रेमी समेत 4 गिरफ्तार
फरीदाबाद अपराध जांच शाखा सेक्टर-48 की टीम ने अपने पति के हाथ-पैर तुड़वाने के आरोप में पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अवैध संबंधों का विरोध करने पर महिला ने अपने पति पर हमला करवाया था। आरोपियों में महिला का प्रेमी और उसके दोस्त शामिल हैं।
फरीदाबाद अपराध जांच शाखा सेक्टर-48 की टीम ने अपने पति के हाथ-पैर तुड़वाने के आरोप में पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अवैध संबंधों का विरोध करने पर महिला ने अपने पति पर हमला करवाया था। आरोपियों में महिला का प्रेमी और उसके दोस्त शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने हमला करने के आरोपियों को जमानत दे दी, जबकि आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर की रात को जब आरोपी महिला का पति ललित ड्यूटी जाने के लिए अपने घर से बाहर निकला तो कुछ नकाबपोश लोगों ने घेर कर उन पर डंडों से हमला कर दिया था। इससे उनके हाथ-पैर टूट गए थे। जान से मारने की धमकी देकर हमलावर फरार हो गए थे। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने जांच के दौरान भारत कॉलोनी निवासी हर्ष भाटी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होने के बाद आरोपी ने जो रहस्योदघाटनकिया उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। आरोपी ने बताया कि घायल व्यक्ति की पत्नी ने ही यह हमला करवाया है। उसने इस अपराध को अपने दोस्त सेक्टर-87 निवसी अनिल, सेक्टर-30 निवासी गुन्ना अरनव के साथ मिलकर अंजाम दिया था। आरोपी ने बताया कि घायल की पत्नी से उसकी दोस्ती हो गई थी। इसका पता उसके पति को चल गया था। पति टोका-टाकी करता था। इस पर उसने महिला के कहने पर यह हमला किया था। आरोपी के खुलासे के बाद पुलिस ने घायल की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया।
करीब डेढ़ वर्ष पहले आरोपी महिला और मुख्य आरोपी की जान-पहचान इंस्टाग्राम के जरिये हुई थी। दोनों में अवैध संबंधों का पता महिला के पति को चल गया था। वह अवैध संबंधों का विरोध करता था।
महिला की किसी ने जमानत नहीं ली
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपने पति पर हमला करवाने के बाद से महिला पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगा रही थी। प्रदेश महिला आयोग में भी उसने अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी। वहीं पुलिस ने जब गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया तो आरोपी महिला की जमानत देने के लिए अदालत में कोई नहीं पहुंचा। इसकी वजह से अदालत ने आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जबकि आरोपियों को जमानत देने के लिए उनके परिचित पहुंच गए थे। इस वजह से उन्हें अदालत में जमानत मिल गई।





