अवध ओझा जाना चाहते थे राज्यसभा, बोले- मैंने केजरीवाल से कहा था कि मुझे...
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता अवध ओझा ने कहा कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल से कहा था कि उन्हें राज्यसभा भेजा जाए। ओझा ने कहा कि उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के केजरीवाल से यह बात कही थी।

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में मिली हार के कुछ महीने बाद ही राजनीति से संन्यास ले चुके अवध ओझा ने एक बड़ा खुलासा किया है। आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और मशहूर कोचिंग गुरु ने कहा है कि वह राज्यसभा जाना चाहते थे और उन्होंने खुलकर यह बात 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से कही थी। ओझा ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में केजरीवाल के काम की तारीफ करते हुए यह बात कही।
अवध ओझा ने आरएसएस से जुड़े एक कार्यक्रम में एक तरफ जहां पीएम मोदी की तारीफ की तो दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल की सराहना भी की। ओझा ने इस दौरान कहा कि अरविंद केजरीवाल ने उन्हें इस्तीफे से रोकने की कोशिश भी की और जानना चाहा था कि क्यों संन्यास ले रहे हैं। पढ़ाने की अपनी खास शैली को लेकर सोशल मीडिया में चर्चित अवध ओझा ने साफगोई के साथ कहा कि उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के केजरीवाल से कहा था कि उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा जाए।
ओझा ने कहा, ‘कभी दिल्ली के सरकारी स्कूलों को देखिए। उस पार्टी ने कुछ भी किया होगा, दो काम उस आदमी (अरविंद केजरीवाल) ने बहुत अच्छे किए। मैं चुनाव प्रचार में गया तो झुग्गी में एक लड़की जर्मन-इंग्लिश बोल रही थी। व्यक्तिगत वह आदमी कैसा था, क्या कर रहा था, मुझे पता नहीं। लेकिन उस आदमी ने दो चीजें बहुत अच्छी की थीं, एक शिक्षा और दूसरा स्वास्थ्य। जब मैंने पार्टी छोड़ने का मन बनाया तो उन्होंने वजह भी पूछी, पूछा कि क्या राज्यसभा जाना है? तो मैंने कहा कि जाऊंगा जरूर लेकिन अभी होम वर्क करना है।'
मैंने कहा था, मुझे भेजिए राज्यसभा: अवध ओझा
यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल उन्हें राज्यसभा ऑफर कर रहे थे? ओझा ने कहा, 'वह भले ही नहीं कर रहो हों लेकिन मैंने अपनी मंशा बता दी थी। वह जो पंजाब से भेज रहे थे राज्यसभा, जो अब बीजेपी में आ गए हैं सात। मैंने कहा था कि आप पंजाब से इन्हें भेज रहे हो, हमें भेज दो। व्यक्तिगत कहा था मैं लाग-लपेट वाली बातें नहीं करता।' इतिहास को रोचक ढंग से पढ़ाने वाले ओझा ने केजरीवाल से अपनी इस बातचीत की कोई तारीख तो नहीं बताई लेकिन उनके शब्दों से पता चलता है कि यह बात 2025 के अंत की होगी। उन्होंने उस साल दिसंबर महीने में इस्तीफा दिया था।
करीब एक साल तक रहे ओझा, इस बीच राजिंदर गुप्ता गए राज्यसभा
दिसंबर 2024 में 'आप' में शामिल हुए अवध ओझा करीब एक साल तक अरविंद केजरीवाल की पार्टी में सक्रिय रहे और इस बीच 'आप' ने अक्टूबर 2025 में राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा भेजा था। संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी। हरभजन सिंह, राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल जैसे नेताओं को मार्च 2022 में ही राज्यसभा भेजा गया था।


