अटल कैंटीन के समय में बदलाव, DUSIB की बैठक में इस इलाके के लोगों के लिए 717 फ्लैट्स मंजूर
बैठक में DUSIB के CEO की वित्तीय मंजूरी की सीमा 3 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दी गई है, ताकि प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया जा सके। शेल्टर होम्स का प्रबंधन करने वाली एजेंसियों का कार्यकाल भी इस साल 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की 35वीं बोर्ड बैठक हुई, जिसमें जनहित से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। इन फैसलों में अटल कैंटीन के समय में बदलाव, गिग वर्कर्स के लिए विश्राम केंद्र बनाने और 717 झुग्गी-झोपड़ी वालों को घर देने का फैसला भी लिया गया। बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब अटल कैंटीन में भोजन परोसने के समय का विस्तार किया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
सीएम ने बताया कि दिल्ली के लोगों को बेहद कम दाम पर भरपेट खाना उपलब्ध कराने वाली अटल कैंटीनों के खुलने का समय अब बदल गया है और अब ये वक्त से पहले खुला करेंगी। इन कैंटीनों में सुबह का खाना (लंच) अब 11.30 बजे की बजाय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक मिलेगा, वहीं शाम का खाना (डिनर) 6.30 बजे की बजाय शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे तक मिलेगा। जबकि सर्विस शुरू होने से पहले 30 मिनट का बफर टाइम भी होगा।
कैंटीनों और वितरण केंद्रों का होगा पुनर्गठन
इसके अलावा बैठक में लगभग 100 मौजूदा अटल कैंटीनों और वितरण केंद्रों के पुनर्गठन करने का फैसला भी लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम को और बेहतर बनाने के लिए इनमें कुछ बदलाव किए जाएंगे, जैसे एजेंसियों के लिए आसान पहुंच और चेहरे की पहचान वाले डेटा को अधिक से अधिक एक महीने तक ही सुरक्षित रखना।
गिग वर्कर्स के लिए बनेंगे रेस्टिंग सेंटर्स
बैठक में गुप्ता ने गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, कूरियर पार्टनर) और दिहाड़ी मजदूरों के लिए खास आराम करने के केंद्र और सार्वजनिक उपयोगिता केंद्र बनाने की भी घोषणा की। साथ ही बताया कि इन्हें अटल कैंटीन के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि एक ही जगह पर खाना, आराम और अन्य जरूरी सेवाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कई जगहों पर यूरिनल केंद्र (लघुशंका की सुविधा वाले) भी बनाए जाएंगे और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इसके लिए सही जगहों की पहचान करें और उनकी जानकारी दें।
717 झुग्गीवासियों को मिलेगा अपना घर
बैठक के दौरान बोर्ड ने सेवडा-घेवरा इलाके में EWS फ्लैटों के आवंटन को भी मंजूरी दे दी। ये फ्लैट्स भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और DID कैंप जैसे झुग्गी-झोपड़ी समूहों के 717 लाभार्थियों को दिए जाएंगे। वहीं इसके अलावा पहले से मंजूर किए गए इंदिरा कैंप (कल्याणपुरी), G-पॉइंट (गोल मार्केट), न्यू संजय कैंप (ओखला) और राजीव कैंप (मंडावली) के 221 लाभार्थियों को भी इसी इलाके में फ्लैट्स आवंटित किए जाएंगे।
कई इलाकों में मरम्मत से जुड़े कामों को दी गई मंजूरी
इस बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर और मरम्मत से जुड़े कई कामों को भी मंजूरी दी गई, जिनका मकसद लोगों के रहने की स्थितियों को बेहतर बनाना है। इनमें सुल्तानपुरी में EWS फ्लैटों की मरम्मत, द्वारका सेक्टर 16-B में बने पुराने फ्लैट्स को रहने लायक बनाना, और भलस्वा में सड़कें, पार्क और सीवर सिस्टम जैसी नागरिक सुविधाओं का विकास करना शामिल है।
सालभर में किए कामों का लेखा-जोखा मांगा
इस मीटिंग के दौरान गुप्ता ने DUSIB को पिछले एक साल में किए गए कामों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि उनके असर का आकलन किया जा सके, प्रगति पर नजर रखी जा सके और उन क्षेत्रों की पहचान की जा सके जिनमें सुधार की जरूरत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी योजनाओं को एक तय समय-सीमा के भीतर, पारदर्शी और असरदार तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों, मजदूरों और अन्य कमजोर वर्गों तक उनका ठोस लाभ पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य सिर्फ योजनाएं शुरू करना नहीं है, बल्कि यह पक्का करना है कि वे जमीनी स्तर पर असल बदलाव लाएं।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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