जिस सुवेंदु को भ्रष्टाचारी बताया, उसे ही CM बना दिया; अरविंद केजरीवाल का पीएम मोदी और BJP पर वार
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पीएम मोदी और बीजेपी पर वार किया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। आज उन्होंने उसी को सीएम पद की शपथ दिलाई। ईडी सुवेंदु अधिकारी के पीछे नहीं जाएगी।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर वार किया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। आज उन्होंने उसी सुवेंदु अधिकारी को सीएम पद की शपथ दिलाई। ईडी सुवेंदु अधिकारी के पीछे नहीं जाएगी। वह तो संजीव अरोड़ा, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
ईडी द्वारा पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के संदर्भ में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन नेताओं पर बीजेपी ने कभी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि ईडी ने आम आदमी पार्टी के कई नेताओं पर छापेमारी की है।
जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, उसे सीएम बनाया
एक्स पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने खुद सुवेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। और आज उन्होंने उसी सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। ईडी सुवेंदु अधिकारी के पीछे नहीं जाएगी। ईडी संजीव अरोड़ा, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
पंजाब में कदम रखने लायक भी नहीं बचेगी बीजेपी
एक अन्य पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के हर घर में ईडी की रेड्स की ही चर्चा हो रही है। मोदी जी, आप पंजाब को कभी समझ ही नहीं पाए। एक पंजाबी प्यार से तो अपना सब कुछ दे देगा, लेकिन अगर आप उसके साथ जोर जबरदस्ती करेंगे तो वह पूरी ताकत से पलटवार करेगा। मोदी जी, आप बेशक चार और रेड्स करवा लीजिए बीजेपी अगले बीस सालों तक पंजाब में कदम रखने लायक भी नहीं बचेगी।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी का 15 साल का शासन खत्म
बता दें कि सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। वह 2020 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 207 सीटों के साथ जबरदस्त जीत हासिल की, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक ही सिमट गई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी का 15 साल का शासन समाप्त हो गया।
संजीव अरोड़ा को सात दिन की रिमांड पर भेजा
इस बीच, गुरुग्राम सेशंस कोर्ट ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को सात दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले शनिवार को ईडी ने उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया था। ईडी ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी थी। संजीव अरोड़ा को कथित तौर पर फर्जी जीएसटी लेन-देन से जुड़े 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को उनके और उनकी व्यावसायिक संस्थाओं से जुड़े कई ठिकानों पर दिन भर चली तलाशी अभियान के बाद गिरफ्तार किया था। ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मारे गए थे।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


