अंकित शर्मा की हत्या पर केजरीवाल के आंसू तक नहीं निकले, ताहिर हुसैन का नाम लेकर भड़के कपिल मिश्रा
दिल्ली में मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली दंगा पर ताहिर हुसैन के दोषी करार होने पर केजरीवाल पर निशाना साधा। कहा कि जब आप सीएम थे, आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकला, आंख से आंसू तक नहीं निकले।

2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है। भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया और आरोप भी लगाया कि आप और कांग्रेस ने दंगों के आरोपियों का समर्थन किया था। दिल्ली भाजपा सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा आपकी आंख से आंसू तक नहीं आए। आपका कोई भी मंत्री क्यों किसी हिंदू पीड़ित परिवार से नहीं मिला?
दिल्ली दंगा मामले में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन के दोषी करार होने के बाद भाजपा आम आदमी पार्टी पर लगातार हमलावर है। दिल्ली में मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि “मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल ने अंकित शर्मा की हत्या के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने एक भी बयान जारी नहीं किया। केजरीवाल सरकार का कोई भी मंत्री किसी भी हिंदू पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गया। वे उन्हें न्याय दिलाने के लिए नहीं गए। आज दिल्ली और देश के लोग यही सवाल पूछ रहे हैं।”
अस्पतालों में धर्म देखकर इलाज हुआ
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली दंगों के बाद केजरीवाल सरकार ने हिंदू परिवारों की सुध तक नहीं ली। मुस्लिमों के लिए राहत दी गई। अस्पतालों में धर्म देखकर इलाज किया गया। केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह या आम आदमी पार्टी का कोई भी नेता उन लोगों का साथ देने क्यों नहीं आया जिनके बच्चे मारे गए, जिनकी दुकानें जलाई गईं, जिन पर गोलियां चलाई गईं, जिन पर पत्थर फेंके गए, जिनके रिक्शे जला दिए गए, जिनके कारोबार बर्बाद कर दिए गए, जिनके स्कूली बच्चों को स्कूल जाने से रोका गया, जिनके बीमार लोगों को अस्पताल जाने से रोका गया और जिनकी सड़कें ब्लॉक कर दी गईं? वे सड़कें खाली करवाने क्यों नहीं आए? वे इस अपराध को रोकने क्यों नहीं आए? वे इस साज़िश को रोकने क्यों नहीं आए?
अंकित शर्मा की हत्या पर दो शब्द नहीं निकले
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि अंकित शर्मा की हत्या पर केजरीवाल की आंखों में आंसू क्यों नहीं आए? जब आप सरकार में थे, तब आपके मुंह से दो शब्द क्यों नहीं निकले? आप इन हत्याओं या इन दंगों के ख़िलाफ़ दो शब्द भी नहीं बोल पाए...।"
अंकित शर्मा के साथ क्या हुआ था
बता दें कि 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा घर का सामान लेने के लिए घर से निकले और दंगाइयों का शिकार हो गए। भीड़ उन्हें अगवा कर ले गई और हत्या कर दी और उसके शव को नाले में फेंक दिया। अंकित को 52 बार चाकू मारा गया था। उसका शव अगली सुबह नाले से बरामद किया गया।
ताहिर हुसैन को मुकदमे के बाद पार्टी से हटाया
अदालत ने ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को शर्मा की हत्या का दोषी करार दिया, जबकि मामले में छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। भाजपा के आरोपों पर आप ने एक बयान में कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर 27 फरवरी 2020 को उसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था और तब से उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
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