जनता और बजरंग बली का आशीर्वाद, बाबा साहब के संविधान की बदौलत हमें न्याय मिलाः केजरीवाल
कोर्ट से आरोप मुक्त होने के बाद शनिवार को आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने बजरंग बली का आशीर्वाद लिया। कहा कि जनता व बजरंग बली के आशीर्वाद और बाबा साहब के संविधान की बदौलत हम सभी को न्याय मिला।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से आरोप मुक्त होने के बाद शनिवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर जाकर बजरंग बली का आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन, सांसद संजय सिंह, विधायक कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। सभी ने हनुमान मंदिर के दर्शन किए और विधि विधान से पूजा कर बजरंग बली से सुख-शांति और साहस देने की प्रार्थना की।
जिनके ऊपर हनुमान जी का आशीर्वाद उनको हराना नामुमकिनः सिसोदिया
बजरंग बली के दर्शन करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अपनी धर्मपत्नी सुनीता केजरीवाल और पार्टी के अन्य साथियों के साथ शनिवार को कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भगवान बजरंग बली जी के चरणों में माथा टेका। प्रभु सभी के जीवन में सुख, शांति और साहस बनाए रखें। सबका कल्याण करें। जय बजरंग बली। उन्होंने कहा कि जनता व बजरंग बली के आशीर्वाद और बाबा साहब के बनाए संविधान की बदौलत कोर्ट से हम सभी को न्याय मिला। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिनके ऊपर संकट मोचन हनुमान जी का आशीर्वाद हो, उनको डराना और हराना नामुमकिन है।
महिलाओं में केजरीवाल से मिलने को लेकर उत्साह
अरविंद केजरीवाल को प्राचीन हनुमान मंदिर आने की सूचना पाकर उनसे मिलने बड़ी तादात में दिल्ली की जनता भी पहुंची। लोगों ने अरविंद केजरीवाल से हाथ मिलाए, सेल्फी ली और कोर्ट से आरोप मुक्त होने की बधाई दी। इस दौरान महिलाओं में अरविंद केजरीवाल से मिलने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने अरविंद केजरीवाल के सिर पर हाथ रखकर दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया।
महिलाओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए उन्हें फर्जी केस बनाकर फंसाया गया था। आज दिल्ली में भले ही भाजपा की सरकार है, लेकिन दिल्लीवालों के असली मुख्यमंत्री तो अरविंद केजरीवाल ही हैं। पूरी दिल्ली अरविंद केजरीवाल को दिल से याद कर रही है।
पूरा मामला अब खत्म हो गया हैः पाठक
उधर, पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी, हमारे नेताओं और हम सभी पर बजरंग बली की एक अलग स्तर की कृपा है और उनकी कृपा से ही हम सभी लोग इस पूरे मामले से आरोप मुक्त हुए हैं। यह पूरा मामला अब खत्म हो गया है। इस मामले में हम पहले दिन से कहते आ रहे थे कि सच्चाई की जीत होनी चाहिए, अंततः वही हुई है। इसलिए हम यहां भगवान का धन्यवाद करने आए हैं और प्रभु के चरणों में नतमस्तक होकर उनका धन्यवाद करेंगे।
भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिएः दुर्गेश
दुर्गेश पाठक ने भाजपा के बयानों पर पटलवार करते हुए कहा कि भाजपा को अब बयान देने के बजाय माफी मांग लेनी चाहिए और इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए। उनको यह स्वीकार करना चाहिए कि हां, उन्होंने षड्यंत्र किया, उन्होंने छोटापन दिखाया और देश के संस्थानों का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए कि अब वे आगे ऐसा नहीं करेंगे। भाजपा को फिर से उसी लड़ाई-झगड़े में जाने के बजाय, अब माफी मांगने वाली मुद्रा में जाना चाहिए।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।



