
अरविंद केजरीवाल को डिफेसमेंट केस में बड़ी राहत, अदालत ने खारिज कर दी याचिका
दिल्ली की एक अदालत ने अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दाखिल उस शिकायत को खारिज कर दिया जिसमें उन पर 2019 में द्वारका में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था।
दिल्ली की एक अदालत ने अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत दी है। अदालन ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं अन्य के खिलाफ दाखिल उस शिकायत को खारिज कर दिया जिसमें उन पर 2019 में द्वारका में कई स्थानों पर बड़े बैनर और होर्डिंग लगाकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने कहा कि मामले में पहले ही पुलिस ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है।
क्या था आरोप?
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल की अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ दायर शिकायत का निस्तारण कर दिया। शिकायत में केजरीवाल पर 2019 में द्वारका में कई स्थानों पर बड़े बैनर और होर्डिंग लगाकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
खारिज कर दी याचिका
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में द्वारका दक्षिण पुलिस थाने की ओर से पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। यही नहीं पुलिस ने पिछले साल चार दिसंबर को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इसके साथ ही अदालन ने अरविंद केजरीवाल एवं अन्य के खिलाफ दाखिल शिकायत खारिज कर दी।
प्राथमिकी दर्ज करने का दिया था निर्देश
अदालत ने आवेदन का निस्तारण करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने सूचित किया है कि प्राथमिकी दर्ज होने के मद्देनजर मौजूदा शिकायत में दी गई राहत की पूर्ति हो गई है। इससे पहले अदालत ने यह मानते हुए कि बैनर या होर्डिंग लटकाना संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसा है, द्वारका दक्षिण पुलिस थाने के थाना प्रभारी को संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की धारा-3 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।





