E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का ‘ग्राउंड टेस्ट’! लोग बोले- 16 से 5 हुआ माइलेज, 3 बार… VIDEO
Arvind Kejriwal on E20 Petrol: E20 ईंधन को लेकर अरविंद केजरीवाल लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में केजरीवाल लोगों से बातचीत करने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। जहां, उन्होंने जनता से E20 पर सवाल किए। जानिए अपनी गाड़ी में पेट्रोल भराने आए लोगों ने उन्हें क्या-क्या समस्या गिना दीं।

Arvind Kejriwal on E20 Petrol: E20 ईंधन को लेकर अरविंद केजरीवाल लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में केजरीवाल लोगों से बातचीत करने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। जहां, उन्होंने जनता से E20 पर सवाल किए। जानिए अपनी गाड़ी में पेट्रोल भराने आए लोगों ने उन्हें क्या-क्या समस्या गिना दीं। इससे पहले अरविंद केजरीवाल गाड़ी बनाने वाली कंपनियों से लिखित में आश्वासन मांग चुके हैं। साथ ही पीएम मोदी से E20 को वैकल्पिक बनाने की भी मांग की है।
पेट्रोल पंप पहुंचकर केजरीवाल ने किए सवाल
आम आदमी पार्टी के एक्स अकाउंट द्वारा ये वीडियो शेयर किया गया है। जिसमें, अरविंद केजरीवाल एक पंप पर दिखाई देते हैं। वहां मौजूद कार सवार शख्स को रोककर पूछते हैं- कैसे हैं आप? पेट्रोल भरवाने आए हैं? इस पर कार सवार कहता है- हां जी। E20 का कैसा एक्सपीरियंस है?
3 बार गाड़ी खराब हो चुकी, माइलेज 16 से 5 आ गया
E20 के एक्सपीरियंस पर कार सवार ने कहा- “करीब दो महीने के अंदर तीन बार गाड़ी खराब हो चुकी है। एक बार फ्यूल पंप भी चेंज करवा चुका हूं। अभी दोबारा फिर... क्या करें, यही मिल रहा है, तो यही डलवाना पड़ रहा है।” माइलेज के सवाल पर कहा- “माइलेज कुछ नहीं है। पहले सिटी के अंदर चलाते थे, तो 15 तक दे देती थी, लेकिन अब कुछ भी नहीं आता है। 7 या 8 या 5 आता है।”
2023 से पहले की गाड़ियों में E20 नहीं चलता, केजरीवाल
जब केजरीवाल ने पूछा- ये कितने साल पुरानी गाड़ी है? इस पर कार सवार ने कहा- “ये मेरी सात साल पुरानी कार है।” इस पर केजरीवाल ने दोहराते हुए कहा- “इसका मतलब 2023 से पहले की है। लोग भी यही कह रहे हैं कि 2023 से पहले की गाड़ियों में E20 नहीं चलता है।” इस पर कार सवार ने कहा- “हां जी, मेरी बाइक के साथ भी ऐसा ही हो रहा है।”
गाड़ी कंपनियों से लिखित आश्वासन मांग चुके हैं केजरीवाल
E20 ईंधन को लेकर अरविंद केजरीवाल पहले भी केंद्र सरकार और गाड़ी बनाने वाली कंपनियों पर सवाल उठा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि वह देश की प्रमुख वाहन कंपनियों- मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प को पत्र लिखकर लिखित आश्वासन मांगेंगे कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा और माइलेज में भी कमी नहीं आएगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि यदि E20 के कारण किसी वाहन का माइलेज घटता है या उसके पुर्जे खराब होते हैं, तो क्या कंपनियां ग्राहकों को इसकी भरपाई करेंगी।
PM मोदी को भी लिखेंगे पत्र, E20 को वैकल्पिक बनाने की मांग
केजरीवाल ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर E20 ईंधन को लेकर लोगों की चिंताओं से अवगत कराएंगे। उनका कहना था कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक होना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें। हालांकि, केजरीवाल के इन आरोपों पर उस समय संबंधित वाहन कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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