अरविंद केजरीवाल को पीएम मोदी की ‘WFH-पेट्रोल’ वाली बात पर क्या शक? सवाल पूछते हुए एक चूक भी हो गई
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से वर्क फ्रॉम होम समेत किए गए 7 अपीलों को लेकर तीन सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने कहा कि आज तक देश में इतने कठोर कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि पीएम देश की सही हालत बताएं।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से की गई 7 अपीलों को लेकर शक हो रहा है। उन्हें आशंका है कि कहीं ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के अलावा कोई और वजह तो नहीं है, जिसकी वजह से इतने कठोर कदम उठाने को कहा जा रहा है। केजरीवाल ने पीएम मोदी की अपीलों को देश के इतिहास में सबसे कठोर बताते हुए तीन सवाल पूछे हैं। हालांकि, इस दौरान वह एक चूक भी कर गए और बार-बार ईरान-अमेरिका युद्ध को इराक-अमेरिका युद्ध कहते रहे।
दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी की तरफ से की गई 7 अपीलों को पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि देश 1950 के बाद अब तक कई संकटों से गुजरा, कभी पाकिस्तान-चीन से युद्ध हुआ, आर्थिक मंदी से भी गुजरा, लेकिन इतने कठोर कदम आज तक किसी प्रधानमंत्री ने देशवासियों को लेने के लिए नहीं कहे। लाल बहादुर शास्त्री जी ने भी अपील की थी, इंदिरा गांधी जी ने भी एक बार सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। लेकिन इतने कठोर 7 कदम उठाने को किसी ने नहीं कहा। पूरा देश सदमें में है।
देश की सही स्थिति का पता चले, अफवाहों का बाजार गर्म: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने तीन सवाल पूछते हुए पीएम मोदी से जवाब मांगे। उन्होंने कहा, ‘मेरी तीन गुजारिश है पीएम से। एक तो यह कि आपने इतना कठोर कदम उठाने को कहा है तो इसका मतलब अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है और आने वाले समय में और बुरा हो सकता है। देश यह जानना चाहता है कि हम कहां खड़े हैं। आपने हमें कहा, हम सब देशभक्त हैं, कठोर से कठोर कदम भी उठाएंगे। कठिनाइयां उठाएंगे, कुर्बानियां भी देंगे। लेकिन पता तो चले कि देश कहां खड़ा है। सिर्फ आदेश देने भर से काम तो नहीं चलेगा। पीएम से पहला निवेदन है कि आज हमारी इकॉनमी क्या स्थिति है? और आने वाले एक साल में क्या स्थिति रहने का अंदेशा है, इसकी सारी जानकारी साझा करें नहीं तो लोगों के मन में शंका होती है। अफवाहों का बाजार गर्म है। यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है।’
कहीं युद्ध के अलावा कोई और वजह तो नहीं: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, 'दूसरा, हम जानते हैं कि यह ईरान और अमेरिका (केजरीवाल ने इराक-अमेरिका कहा) के बीच चल रहे युद्ध की वजह से हो रहा है। लेकिन ईरान-अमेरिका (यहां भी वही चूक) युद्ध से तो पूरी दुनिया प्रभावित है। लेकिन किसी भी देश की सरकार ने इस तरह के सात कदम उठाने को नहीं कहा। इससे शंका पैदा होती है कि ईरान-अमेरिका (तीसरी बार भी चूक) युद्ध के अलावा कोई स्थिति तो खराब नहीं है, हमारा देश किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। दूसरी मेरी मोदी जी से प्रार्थना है कि देश को बताएं कि जो कदम किसी देश ने नहीं उठाए, वे सिर्फ भारत को उठाने की क्या जरूरत पड़ी?'
मिडिल क्लास पर ही पूरा बोझ क्यों: AAP चीफ
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सारा बोझ देश के मिडिल क्लास पर डाला जा रहा है, जबकि शुरुआत मंत्रियों और अफसरों से होनी चाहिए थी। केजरीवाल ने कहा, ' इसका सारा बोझ मिडिल क्लास पर क्यों डाला जा रहा है, विदेश मत जाओ, सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल गाड़ी इस्तेमाल मत करो, मिडिल क्लास बहुत देशभक्त है, कुछ भी करेगा। लेकिन सिर्फ मिडिल क्लास क्यों? सबसे पहले देश की सरकार को कुर्बानी देनी चाहिए थी, अपना खर्च घटाना चाहिए था। सरकार ने कोई कटौती नहीं की। देश के पीएम और सभी मंत्री अपने खर्चे घटाएं। कोई कटौती नहीं की, विदेश भी जा रहे हैं। इसके बाद अफसरों से उम्मीद की जाती कि वह कम करें। इसके बाद देश के अल्ट्रा रिच, जिनमें कुछ मोदी जी के दोस्त हैं, उनसे भी कोई अपील नहीं की गई। सिर्फ मिडिल क्लास से अपील की गई। सिर्फ हम क्यों, अडाणी जी कुर्बानी नहीं करेंगी, मोदी जी नहीं करेंगे? चुन के मिडिल क्लास को टारगेट ना किया जाए।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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