कौन है अरुण चौधरी, जिसने राम मंदिर पर हमले की साजिश वाले अब्दुल को मार डाला

Feb 09, 2026 05:50 pm ISTSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
share Share
Follow Us on

हरियाणा की नीमका जेल के सुरक्षा वार्ड में बंद कैदी संदिग्ध अब्दुल रहमान की मौत जेल के अंदर ही हो गई थी। उसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल भेजा गया था। यह घटना उसी समय हुई, जब तीन कैदी एक ही सेल में बंद थे।

कौन है अरुण चौधरी, जिसने राम मंदिर पर हमले की साजिश वाले अब्दुल को मार डाला

हरियाणा की नीमका जेल में बंद अब्दुल रहमान की सोते वक्त हत्या कर दी गई। राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोप में हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गए अब्दुल को जम्मू-कश्मीर के अरुण चौधरी ने मार डाला, जो उसके साथ सेल में बंद था। मामले की जांच के लिए न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।

तिगांव एसीपी अशोक वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुरक्षा वार्ड के एक सेल में अरुण, अब्दुल रहमान और शोएब को रखा गया था। तीनों करीब 20 दिन से एक साथ सेल में रह रहे थे। बताया गया है कि रात के करीब 2 बजे अरुण चौधरी नामक कैदी ने सोते हुए अब्दुल रहमान पर नुकीले पत्थर से अचानक हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

अरुण चौधरी पर हत्या, हमले के कई मुकदमे

एसीपी ने बताया कि हत्या का आरोपी जम्मू कश्मीर का निवासी है। उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और अवैध रूप से घुसने जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को जम्मू-कश्मीर की जेल से अक्टूबर 2024 में यहां स्थानांतरित किया गया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि तीनों कैदियों को एक ही सेल में क्यों रखा गया था और क्या जेल नियमों का पालन किया गया था या नहीं। इस मामले में जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यह देखा जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

हत्या की वजह तलाश रही पुलिस

एसीपी ने बताया कि जेल के अंदर किसी भी कैदी की मौत होने पर न्यायिक जांच अनिवार्य होती है। इसी प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस भी अपनी तरफ से हर पहलू की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद घटना के पीछे के कारण, आपसी विवाद या किसी साजिश की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि घटना के समय ड्यूटी पर कौन-कौन कर्मचारी तैनात थे।

2025 में पकड़ा गया था अब्दुल रहमान

फिलहाल पुलिस सभी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और जेल रिकॉर्ड खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में गगव पाली के खेतों में बने एक कमरे से गिरफ्तार किया गया था। उससे हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया था। अब्दुल फैजाबाद का रहने वाला है। उस पर राम मंदिर में हमले करने की साजिश रचने के आरोप है और तभी से वह नीमका जेल में बंद था।

Sudhir Jha

लेखक के बारे में

Sudhir Jha

सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)


सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।


15 सालों का अनुभव

सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।


विश्वसनीय खबरों का लेखन

सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।


शिक्षा और सम्मान

सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।


विशेषज्ञता

राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप

और पढ़ें