51 बार मारा चाकू, नाले में फेंक दी थी लाश; IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड की पूरी कहानी
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया। इस रिपोर्ट में IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड की पूरी कहानी…

दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने सोमवार को AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी करार दिया। दोषी ठहराए गए अन्य आरोपियों में जावेद, अनस, नाजिम और कासिम शामिल हैं। ताहिर समेत इन सभी 5 आरोपियों को हत्या और दंगा करने समेत कई आरोपों में दोषी ठहराया गया है। छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है। इस रिपोर्ट में फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई आईबी अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड की पूरी कहानी...
पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भारी अशांति फैल गई थी। इस सांप्रदायिक हिंसा ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग, खजूरी खास और मुस्तफाबाद जैसे इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया था। उपद्रवियों ने पत्थरबाजी करते हुए दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी थी। कुछ जगहों पर गोलीबारी भी हुई थी।
भीड़ को शांत कराने निकले थे अंकित शर्मा
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सांप्रदायिक हिंसा के बीच 25 फरवरी 2020 को IB अधिकारी अंकित शर्मा (26) काम से घर लौटे थे। उन्होंने अपने घर के बाहर का माहौल तनावपूर्ण पाया था। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट और चश्मदीदों के मुताबिक, अंकित शर्मा भीड़ को शांत करने के लिए घर से बाहर निकल गए थे। अंकित शर्मा उस इलाके में पहुंच गए जहां दंगाई एक मस्जिद के घर के पास जमा थे।
घेर लिया और ताहिर के घर की ओर ले गए, हत्या कर दी
दंगाइयों की नजर जैसे ही अंकित शर्मा पर पड़ी उन्हें घेर लिया गया। दंगाई नारे लगाते हुए उनकी तरफ बढ़े। अंकित शर्मा ने वहां से निकलने की कोशिश की लेकिन दंगाइयों ने उनको दबोच लिया। दंगाई अंकित को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के घर की तरफ ले गए। दंगाइयों ने धारदार हथियारों और चाकुओं से अंकित शर्मा पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी।
नाले में फेंकी थी लाश
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंकित जब देर तक घर नहीं लौटे तो उनकी खोजबीन शुरू की गई। परिजन रातभर अंकित की खोजबीन में परेशान रहे। पिता रविंदर कुमार ने अंकित शर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अगले दिन 26 फरवरी को अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार को स्थानीय लोगों से पता चला कि एक युवक की लाश नाले में देखी गई है। पुलिस को सूचना दी गई।
51 बार ताबड़तोड़ वार
पुलिस ने 26 फरवरी को गोताखोरों की मदद से अंकित शर्मा की लाश को नाले से बाहर निकाला। चोटों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अंकित शर्मा की बॉडी पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से 51 गहरे घाव पाए गए थे। इस हत्या से पूर्व पुलिस अधिकारी रहे रविंदर कुमार के सपने टूट गए। इस हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। मीडिया में इस बर्बर हत्याकांड कई दिन तक सुर्खियों में रहा।
पूरी ताकत से ताबड़तोड़ वार, फट गए थे फेफड़े और दिमाग
डॉक्टरों ने रिपोर्ट में लिखा कि अंकित पर इतनी जोर से कई बार वार किए गए थे कि उनके फेफड़े और दिमाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। दंगाइयों ने सबूत मिटाने और लाश की पहचान मिटाने के लिए लाश को नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में ताहिर हुसैन के घर से महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए थे। पुलिस की ओर से पेश सबूतों के आधार पर ही ताहिर पर शिकंजा कस गया।
इन आरोपों में दोषी करार
इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने की थी। पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 153ए (विभिन्न समुदायों के बीच धर्म, जाति, भाषा या जन्म स्थान के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देना), 149 (दंगा करना), 365 (अपहरण), 149 (गैरकानूनी सभा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा करना) और 147 (दंगा करने के लिए सजा) के तहत दोषी करार दिया है।
(पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ)
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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