IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन दोषी, BJP के आरोपों पर AAP की सफाई; 2020 से…
IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद भाजपा और आम आदमी पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा ने AAP नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि पार्टी ने कहा कि ताहिर हुसैन को 2020 में ही निलंबित कर दिया गया था और तब से उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन के दोषी ठहराए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। एक ओर भाजपा ने आम आदमी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर AAP ने कहा है कि ताहिर हुसैन का पार्टी से 2020 से ही कोई संबंध नहीं है। पार्टी का दावा है कि एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर उसे प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
BJP ने लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने अदालत के फैसले के बाद कहा कि यह फैसला साबित करता है कि 2020 के दिल्ली दंगे सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन को उस समय आम आदमी पार्टी के नेताओं का संरक्षण मिला था। कपिल मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब अंकित शर्मा की हत्या हुई, तब ताहिर हुसैन कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह के संपर्क में क्यों था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई।
AAP ने दिया जवाब
भाजपा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि ताहिर हुसैन का पार्टी से पिछले छह साल से कोई संबंध नहीं है। पार्टी के मुताबिक, 27 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर ताहिर हुसैन को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। AAP ने कहा कि उसके बाद से वह पार्टी की किसी गतिविधि का हिस्सा नहीं रहा।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने ताहिर हुसैन, अनस, कासिम, नाजिम और जावेद को हत्या, दंगा, वैमनस्य फैलाने और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी माना। वहीं छह अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। सजा पर सुनवाई अलग से होगी।
क्या था अंकित शर्मा हत्याकांड?
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को दफ्तर से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में उनका शव उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ था। अंकित के पिता रविंदर शर्मा ने अपनी शिकायत में तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस जांच के बाद ताहिर समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
दिल्ली दंगों से जुड़ा था मामला
यह हत्याकांड फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध और समर्थन के दौरान भड़की उत्तर-पूर्वी दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा था। कई दिनों तक चली हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा हत्याकांड उस हिंसा के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा।
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Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
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