बहुत दुखी हूं; अंकित शर्मा के कातिल ताहिर हुसैन के लिए AAP के एक नेता का दर्द
आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान ने ताहिर हुसैन के लिए अपना दुख जाहिर किया है। आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा के मर्डर केस में ताहिर को अदालत ने दोषी करार दिया है।

दिल्ली में दंगों को दौरान बेरहमी से कत्ल कर दिए गए आईबी अफसर अंकित शर्मा के कातिल के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के एक बड़े नेता ने अपना दर्द जाहिर किया है। ‘आप’ के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे कहे जाने वाले अमानतुल्लाह खान ने ताहिर हुसैन को अदालत से दोषी करार दिए जाने पर खुद को 'बहुत दुखी' बताया है। उन्होंने ताहिर हुसैन को ऊपरी 'अदालत' से इंसाफ मिलने की आस जाहिर की है।
दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच को एक दिन पहले ही दोषी करार दिया, जबकि छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने अमानतुल्लाह खान ने कहा, ‘आज अदालत के जरिए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों में दोषी करार दिए जाने पर बहुत दुखी हूं, अल्लाह उसके घर वालों को सब्र अता करे हमारा कानून पर पूरा भरोसा है और अल्लाह की जात से उम्मीद है कि ताहिर हुसैन को ऊपरी अदालत से इंसाफ जरूर मिलेगा।’
ताहिर को दोषी करार दिए जाने पर क्या बोली 'आप'
कोर्ट द्वारा ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद ‘आप’ ने सोमवार को एक बयान में कहा था कि 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर 27 फरवरी 2020 को उसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया गया था और उसके बाद से उसका आम आदमी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। ‘आप’ ने यह भी कहा कि ताहिर हुसैन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था। ‘आप’ का दावा है कि उसने मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़कर मुस्लिम मतों का विभाजन किया, जिससे अंततः भाजपा उम्मीदवार को जीत मिली।
हत्या के 6 साल बाद 5 लोग दोषी करार
बता दें कि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में 6 साल बाद आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, नजीम, कासिम और समीर खान को सोमवार को दोषी करार दिया।
अंकित शर्मा का शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ था। यह वारदात फरवरी 2020 में एनआरसी-सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के समय हुई थी। इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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