इंस्टाग्राम चैट से मिला ‘सीरियल रेपिस्ट’ का सुराग, ऑटो वाले ने भी की दिल्ली पुलिस की मदद; कैसे पकड़ाया दरिंदा राहुल मीणा
दिल्ली की अमर कॉलोनी में आईआरएस की बेटी मर्डर केस में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एक होटल में छिपकर अपने भाई से इंस्टाग्राम पर बात कर रहा था। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर ली और उसे पकड़ लिया।

दिल्ली की अमर कॉलोनी के कैलाश हिल्स हत्याकांड के मुख्य आरोपी राहुल मीणा को गिरफ्तार करने में दिल्ली पुलिस को एक ऑटो चालक की सूझबूझ और तकनीकी निगरानी से बड़ी सफलता मिली है। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पास के एक पार्क में छिपा था, जहां से वह ऑटो लेकर द्वारका के लिए रवाना हुआ। होटल में रहने के दौरान इंस्टाग्राम पर भाई से चैट कर रहा था और पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर ली।
सीसीटीवी और ऑटो चालक ने खोले राज
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो आरोपी एक ऑटो में बैठता नजर आया। नंबर के आधार पर पुलिस ने चालक को ढूंढा, जिसने फोटो देखते ही राहुल को पहचान लिया। चालक ने ही पुलिस को उस विशिष्ट होटल की जानकारी दी जहां उसने राहुल को छोड़ा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने द्वारका के होटल में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के डर से राहुल ने अपने मोबाइल का सिम कार्ड बंद कर दिया था, लेकिन वह इंटरनेट के जरिए लगातार करीबियों के संपर्क में था।
होटल के वाई फाई का इस्तेमाल
आरोपी ने होटल के वाई फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम मैसेंजर पर गुरुग्राम में रहने वाले अपने चचेरे भाई से बात कर रहा था। पुलिस की तकनीकी टीम ने इसी डेटा को ट्रैक किया और उसकी सटीक लोकेशन का पता लगा लिया। पुलिस द्वारका पहुंची। यहां वो ऑटो वाला मिला और उसने होटल तक पहुंचाया। पुलिस ने रूम में छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया।
चचेरे भाई से पूछताछ जारी
पुलिस ने आरोपी के चचेरे भाई को भी हिरासत में लिया है। हालांकि, शुरुआती पूछताछ में उसने हत्या की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय लोगों (विशेषकर ऑटो चालक) के सहयोग से इस अंधे कत्ल की गुत्थी को तेजी से सुलझा लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर लूट की रकम और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा में चूक से घर में घुसा था
कैलाश हिल्स स्थित आईआरएस अधिकारी के घर में सुरक्षा के बावजूद आरोपी के घुसने की बड़ी चूक सामने आई है। इमारत में उस समय सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था और मुख्य प्रवेश द्वार खुला था। घर तक पहुंचने के लिए चार दरवाजे हैं, जिनमें लिफ्ट और सीढ़ियों वाले दरवाजे स्मार्ट लॉक से संचालित होते हैं। घटना के समय दंपति जिम जाने के लिए लिफ्ट वाला दरवाजा खोल गए थे। वहीं, मुख्य दरवाजे की चाबी बाहर रखी थी, जिसकी जानकारी आरोपी राहुल को थी। यदि लिफ्ट का दरवाजा बंद रहता तो वारदात टल सकती थी।
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Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
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