'सीधे निर्माण नहीं गिरा सकता प्राधिकरण'; जेवर बांगर जमीन केस में YEIDA को हाईकोर्ट से झटका

Praveen Sharma हिन्दुस्तान, ग्रेटर नोएडा
share

इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) के लिए एक बड़ा कानूनी झटका है और उन लोगों के लिए राहत है जिनके निर्माण पर 'बुलडोजर' की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा था।

'सीधे निर्माण नहीं गिरा सकता प्राधिकरण'; जेवर बांगर जमीन केस में YEIDA को हाईकोर्ट से झटका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के निर्माण ध्वस्त करने पर रोक लगा दी है। अब प्राधिकरण किसी भी निर्माण पर सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं कर सकेगा और पहले कानूनी नोटिस जारी कर संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना होगा। कानूनी प्रक्रिया के बिना निर्माण को ध्वस्त करना पूरी तरह अवैध होगा।

जस्टिस कुनाल रवि सिंह और जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की डिवीजन बेंच ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के बिना निर्माण नहीं गिराया जा सकता। दरअसल, यह मामला जेवर स्थित जेवर बांगर की जमीन से जुड़ा है। यह क्षेत्र नोएडा एयरपोर्ट के आसपास है। यहां हो रहे निर्माण के खिलाफ यीडा की कार्रवाई को तीन याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में चुनौती दी थी।

इसमें कहा गया था कि यीडा उनकी जमीन पर बने मकान और अन्य निर्माणों को बिना किसी वैध आदेश के ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है। याचिका में खसरा संख्या 573 और 574 की करीब डेढ़ हेक्टेयर से अधिक भूमि का जिक्र किया गया। इसकी कीमत जेवर एयरपोर्ट और आसपास तेजी से बढ़ते विकास के कारण अरबों रुपये तक पहुंच चुकी है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की थी कि जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी न हो, तब तक कोई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न की जाए। यीडा और याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में कहा कि किसी भी निर्माण को गिराने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है। सरकारी एजेंसियां मनमाने तरीके से बुलडोजर चलाने की कार्रवाई नहीं कर सकतीं। व्यक्ति की संपत्ति और नागरिक अधिकारों को प्रभावित करने वाली कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रभावित पक्ष को पहले नोटिस देना और पक्ष रखने का अवसर देना अनिवार्य है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को शर्तों के साथ राहत दी।

दयानतपुर में भी तोड़फोड़ नहीं की जा सकेगी

हाईकोर्ट ने दयानतपुर गांव में हो रहे निर्माण पर ग्रीन एवेन्यू बिल्डटेक समेत दो अन्य याचिकाकर्ताओं की सुनवाई कर यीडा को बिना नोटिस निर्माण न तोड़ने के आदेश दिए। याचिका में मांग की गई थी कि यीडा दयानतपुर स्थित खसरा नंबर 463/1 पर बनी चारदीवारी को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए न तोड़ें। उनका कहना था कि यीडा बिना वैध आदेश के निर्माण गिराने की कोशिश कर रहा है।

एयरपोर्ट की भूमि पर बने कई अवैध मकान टूट चुके

एयरपोर्ट के अधिसूचित भूमि पर बने निर्माण को यीडा ध्वस्त कर चुका है। मार्च 2025 में यीडा ने रामनेर, किशनपुर और सबौता में करीब 25 मकानों को ध्वस्त किया था। अधिकारियों का कहना था कि यह निर्माण अवैध रूप से किया गया था। निर्माण करने वाले लोगों को कई बार नोटिस भी जारी किए। इसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई।

निर्माण के दौरान शटरिंग गिरने से हो चुके हादसे

अवैध निर्माण के चलते शटरिंग गिरने से कई बार गंभीर हादसे भी हो चुके हैं। विगत वर्ष नंगला हुकुम सिंह गांव में तीन मंजिला मकान की शटरिंग गिरने से 10 मजदूर दब गए थे, जिनमें 4 की मौत हो गई थी। बताया गया था कि यह निर्माण अवैध रूप से हो रहा था। इसके अलावा एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत भूमि पर हो रहे निर्माण की शटरिंग भी टूटकर गिर चुकी है।

रिपोर्ट- आशीष धामा

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।