गाजियाबाद में आज सभी स्कूल बंद रहेंगे, भारी बारिश की वजह से लिया गया छुट्टी का फैसला
गाजियाबाद जिले में भारी बारिश को देखते हुए नर्सरी से कक्षा 12 तक के स्कूल आज बंद कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने एक निर्देश में कहा है कि सभी सरकारी, प्राइवेट, अशासकीय सहायता प्राप्त सभी स्कूलों में आज दिनांक 9 जुलाई 2026 को नर्सरी कक्षा से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी।
गाजियाबाद जिले में भारी बारिश को देखते हुए नर्सरी से कक्षा 12 तक के स्कूल आज बंद कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने एक निर्देश में कहा है कि नर्सरी से कक्षा 12 तक के संचालित सभी सरकारी, प्राइवेट, अशासकीय सहायता प्राप्त किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में आज दिनांक 9 जुलाई 2026 को नर्सरी कक्षा से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी। इसके बाद गाजियाबाद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
जाम और जलभराव से आफत
बारिश के बाद दूसरे दिन बुधवार को जाम और जलभराव से आफत रही। विजयनगर में एनएच-9 पर पानी भर गया। सभी अंडरपास बारिश के पानी से लबालब हो गए। महानगर की प्रमुख सड़कों, अंडरपास और बाजारों में पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई। कई जगह दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल राहगीरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी।
आने-जाने में परेशानी
नगर निगम ने मानसून से पहले जल निकासी के दावे किए थे। इसके लिए नालों की सफाई कराई जा रही थी। लेकिन बारिश में जलभराव से लोग परेशानी झेल रहे हैं। बुधवार को दिनभर बारिश होती रही। इस कारण पुराना बस अड्डा, नया बस अड्डा, तहसील परिसर, नंदग्राम में क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के सामने, मेरठ रोड, रमतेराम रोड, नवयुग मार्केट, कैला भट्टा, गौशाला फाटक अंडरपास, हिंडन रिवर मेट्रो स्टेशन अंडरपास और मेरठ एक्सप्रेसवे के अंडरपास पानी से लबालब हो गए। इस कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। अंडरपास में कई दोपहिया वाहन बंद हो गए, जिन्हें लोगों ने धक्का देकर बाहर निकाला।
सड़कों पर कीचड़ फैला
मेरठ रोड पर राजनगर एक्सटेंशन के पास पानी भर गया। लालकुआं पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। विजयनगर में एनएच-9 पर कई जगह पानी भरने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। वहीं विजयनगर क्षेत्र की कई सड़कों पर कीचड़ फैल गया। वहां सड़कों की मरम्मत का काम चल रहा है। कीचड़ से कई दोपहिया वाहन सवार फिसल गए।
सुबह और शाम के समय लंबा जाम
लगातार दूसरे दिन हुई बारिश ने गर्मी से काफी हद तक राहत दी। तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को भी तड़के ही कई इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो गई थी। सुबह 10 बजे से अलग-अलग इलाकों में जोरदार बारिश हुई। देर रात तक बारिश होती रही और शहर भर में जलभराव हुआ। व्यस्त मार्गों पर पानी भरने से सुबह और शाम के समय लंबा जाम लगा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए।
सड़कें पानी में डूबी रहीं
कौशांबी बस डिपो में पानी भरने से यात्रियों को बसों तक पहुंचने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ा। फिसलन के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक दिक्कत हुई। जीटी रोड पर मेजर मोहित शर्मा मेट्रो स्टेशन, राजबाग मेट्रो स्टेशन और शहीद नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे जलभराव के कारण लंबा जाम लगा। वैशाली सेक्टर-चार, सेक्टर-पांच, गुरुद्वारा रोड और काला पत्थर रोड पर भी सड़कें पानी में डूबी रहीं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


