
आतंकी साजिश का होगा पर्दाफाश! अल-फलाह यूनिवर्सिटी के गायब स्टाफ की कुंडली होगी तैयार
डीजीपी ओपी सिंह के आदेश पर पुलिस अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गायब चल रहे स्टाफ की सूची और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों से उनके संपर्क की जानकारी जुटाएगी, ताकि आतंकी साजिश का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके, वहीं अब यूनिवर्सिटी को राजकीय मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग भी उठी है।
डीजीपी ओपी सिंह के आदेश पर पुलिस अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गायब चल रहे स्टाफ की कुंडली तैयार करेगी। वहीं, तकनीकी जांच के जरिए सभी स्टाफ की आरोपियों से संपर्क की जानकारी जुटा जाएगी, ताकि आतंकी साजिश का पूरा पर्दाफाश हो सके।
मंगलवार को डीजीपी ओपी सिंह ने अल-फलहा यूनिवर्सिटी का मौका मुआयना किया था। उनके साथ सीआईडी प्रमुख सौरव सिंह और उनकी टीम भी साथ थी। उन्होंने यूनिवर्सिटी में करीब चार घंटे रहकर यूनिवर्सिटी स्टाफ, छात्र और मौलवी के परिवार से बातचीत की थी। इस दौरान उन्हें पता चला था कि कुछ स्टाफ गायब है। इस मामले को गंभीर मानते हुए उन्होंने पुलिस को गायब स्टाफ के बारे में जानकारी जुटाना का आदेश दिया था। अब पुलिस ने इस पहले से भी मामले की तह में जाना शुरू कर दिया है।
पुलिस फैकल्टी स्टाफ से लेकर प्रशासनिक स्टाफ तक की सूची तैयार करेगी। इस मामले के सामने आने के बाद जो लोग गायब हैं, पुलिस इन लोगों की भूमिका की जांच करेगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इनका किन-किन लोगों के साथ संपर्क था। इनसे कौन-कौन मिलने आता था। इसके लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया जाएगा। पुलिस ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही स्पेशल इंक्वायरी टीम गठित की हुई है। यह टीम इस पूरे सफेदपोश आतंकी तंत्र को खंगालने में जुटी हुई है। यह टीम यहां स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के साथ इस आतंकी तंत्र में शामिल लोगों को पकड़कर जांच एजेंसियों को भी सौंप रही है।
‘मेडिकल कॉलेज सरकार के अधीन हो’
दिल्ली धमाके अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम उजागर होने के बाद अब इसे अधिगृहीत कर राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं बहु विशेषता अस्पताल घोषित करने की मांग उठने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं रेफर मुक्त फरीदाबाद के संयोजक सतीश चोपड़ा ने यह मांग उठाई और वह उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।





