मायावती-सतीश मिश्रा की ट्रेनिंग से भी नहीं 'पके' आकाश आनंद; 10 साल में 3 बार गंवाया BSP में नंबर 2 का पद
BSP सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के चीफ नेशनल कॉर्डिनेटर पद से एक बार फिर हटा दिया है। उन्हें तीसरी बार इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से हटाया गया है। मायावती ने कहा कि आकाश को अभी और परिपक्व होने की जरूरत है और इस समय उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारियां सौंपना सही नहीं होगा।

निशांत कौशिक, नोएडा
बसपा के सियासी रणनीतिकारों और बुआ मायावती से सियासत की ट्रेनिंग ले रहे आकाश आनंद दस साल में भी सियासी रूप से परिपक्वता हासिल नहीं कर सके हैं। बसपा सुप्रीमो का उन पर विश्वास जम नहीं पा रहा। यही वजह है कि पिछले दस साल में उन्हें तीन बार पार्टी में नंबर दो की हैसियत पर लाने के बाद अचानक पदों से हटा दिया गया।
अब एक बार फिर से विधानसभा चुनाव से पहले मायावती द्वारा आकाश को पद से हटाने के फैसले की राजनीतिक हलकों में जबर्दस्त चर्चा है। नोएडा में जन्मे और पले-बढ़े आकाश आनंद की शिक्षा नोएडा और लंदन में हुई है। लंदन से लौटने के बाद ही वर्ष 2016 से वह राजनीति में सक्रिय होने लगे थे। उन्हें अक्सर पार्टी की बैठकों में देखा जाता था, लेकिन तब तक उनका कोई परिचय किसी से नहीं कराया गया था। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा और बुआ मायावती के साथ ही पार्टी की बैठकों में आते थे।
2017 में पहली बार आए थे मंच पर
सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद 23 मई 2017 को सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में वह पहली बार बुआ मायावती के साथ राजनीतिक मंच पर आए थे। वहीं से विधिवत रूप से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। वह पार्टी संगठन के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में राजनीति सीख रहे थे, जिन्हें बुआ मायावती ही ट्रेंड कर रही थीं। लोकसभा चुनाव से पहले दिसंबर 2023 में मायावती ने उन्हें पार्टी में अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया था। पार्टी के स्टार प्रचारकों में वह बुआ के बाद दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने राजनीतिक रैलियां भी की थीं। बाद में उन्हें अचानक पदों से हटा दिया गया। उस दौरान उन्हें राजनीति के लिए अपरिपक्व बताया गया। इसके बाद उनकी पार्टी में फिर से वापसी हुई, लेकिन फिर उन्हें पदों से हटाया गया।
प्रत्याशी चयन का जिम्मा वापस लिया
बसपा सुप्रीमो ने पिछले महीने ही आकाश को यूपी में प्रचार और प्रत्याशी चयन का जिम्मा सौंपा था। अगले ही दिन प्रत्याशी चयन का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखते हुए आकाश को सिर्फ कैंडिडेट का नाम घोषित करने का जिम्मा दे दिया।
सोशल मीडिया पर बायो बदला
बुआ मायावती ने गुरुवार को एक बार अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी से हटा दिया। इस घटनाक्रम के बाद आकाश ने सोशल मीडिया पर अपना बायो बदलते हुए खुद को बीएसपी कार्यकर्ता लिख दिया है। मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय बैठक में कहा कि आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी में काम करने की अनुमति रहेगी, लेकिन उन्हें अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है। इसलिए इस समय उन्हें पार्टी की कोई बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।
आकाश आनंद को झटका
● 0 7 मई 2024: लोकसभा चुनाव के दौरान मायावती ने आकाश आनंद को बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर और अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी पद से हटा दिया। वजह बताई गई थी कि आकाश में अभी राजनीतिक परिपक्वता की कमी है।
● 02 मार्च 2025: मायावती ने आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया। इसके अगले दिन, 3 मार्च को उन्हें बसपा से निष्कासित भी कर दिया गया। बाद में अप्रैल 2025 में उनकी पार्टी में वापसी हुई और मई में उन्हें फिर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया।
● 03 सितंबर 2026: मायावती ने फिर आकाश आनंद को बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी से हटाने की घोषणा कर दी, हालांकि वह पार्टी में बनें रहेंगे।


