काम की बात: अकासा एयरलाइंस ने टिकटों के दाम घटाए, नोएडा से इन शहरों की उड़ानें दिल्ली एयरपोर्ट से सस्ती
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अकासा एयरलाइंस ने टिकटों के दाम घटा दिए। मंगलवार को एयरलाइंस ने नोएडा से बेंगलुरु और नवी मुंबई की उड़ान दिल्ली से सस्ती कर दी। सोमवार को यह दिल्ली की तुलना में 800 से 1000 रुपये तक महंगी थी। खास बात यह है कि दिल्ली एयरपोर्ट से भी फ्लाइट टिकट सस्ती की गई हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अकासा एयरलाइंस ने टिकटों के दाम घटा दिए। मंगलवार को एयरलाइंस ने नोएडा से बेंगलुरु और नवी मुंबई की उड़ान दिल्ली से सस्ती कर दी। सोमवार को यह दिल्ली की तुलना में 800 से 1000 रुपये तक महंगी थी। खास बात यह है कि दिल्ली एयरपोर्ट से भी फ्लाइट टिकट सस्ती की गई हैं।
16 जून से उड़ान शुरू करने की घोषणा
अकासा एयरलाइंस ने 16 जून से उड़ान शुरू करने की घोषणा कर सोमवार को अपनी समय सारिणी जारी की थी। नई टिकट दर के बाद दिल्ली की तुलना में अब करीब 2032 से 1508 रुपये तक कम है। खास बात यह है कि दिल्ली एयरपोर्ट से भी फ्लाइट टिकट सस्ती की गई हैं। नोएडा एयरपोर्ट से 15 जून से विमान सेवा शुरू होने जा रही है। इंडिगो पूर्व में ही अपनी समय सारिणी जारी कर चुकी है।
मंगलवार की बुकिंग दरें
शहर किराया रुपये में
नोएडा-बेंगलुरु 6500
दिल्ली-बेंगलुरु 6998
नोएडा-नवी मुंबई 4998
दिल्ली-नवी मुंबई 5499
सोमवार की बुकिंग दरें
शहर किराया रुपये में
नोएडा-बेंगलुरु 8532
दिल्ली-बेंगलुरु 6998
नोएडा-नवी मुंबई 6505
दिल्ली-नवी मुंबई 5499
यात्रियों के लिए यूडीएफ की दरें तय
एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर एईआरए ने मंगलवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस (उपयोगकर्ता विकास शुल्क) की दरें तय कर दी हैं। साल 2026-27 के लिए तय की गई इन दरों के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले घरेलू यात्रियों को 490 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 980 रुपये का शुल्क देना होगा।
हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यहां आने वाले यात्रियों के लिए भी शुल्क निर्धारित किया है। इसके तहत घरेलू यात्रियों के लिए 210 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 420 रुपये की राशि देनी होगी। खास बात यह है कि एईआरए ने एयरपोर्ट ऑपरेटर द्वारा प्रस्तावित दरों में कटौती की है।
नोएडा एयरपोर्ट में थाने का निर्माण जल्द
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पुलिस थाने का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। प्राधिकरण से जमीन मिलने और शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद पुलिस महकमे ने लोक निर्माण विभाग मेरठ स्थित मंडलीय कार्यालय को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए परिसर के अंदर दो थानों का निर्माण होना है। इन दोनों में से घरेलू टर्मिनल थाने का निर्माण 6.25 करोड़ रुपये से होगा। इसके निर्माण के लिए एयरपोर्ट परिसर के अंदर भूमि आवंटित की गई है। परिसर के अंदर अभी सिर्फ डोमेस्टिक टर्मिनल थाने का संचालन हो रहा है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


