काम की बात: ऊंची इमारतों की छतों पर उतर सकेंगी एयर टैक्सी, NCR प्लानिंग बोर्ड ने बनाई यह योजना
अगले कुछ वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के आसमान में एयर टैक्सी उड़ती दिख सकती हैं। परिवहन के बदलते स्वरूप और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इसके लिए ऊंची इमारतों पर वर्टीपोर्ट बनाने की योजना बनाई है।

दिल्ली-एनसीआर में अगले एक दशक के दौरान शहरी यातायात का स्वरूप पूरी तरह बदला नजर आएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक दूरदर्शी योजना तैयार की है। इसके तहत भविष्य में ऊंची इमारतों की छतों पर एयर टैक्सी उतारने की तैयारी हो रही है।
इस योजना के तहत ऊंची इमारतों की छतों पर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी, ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। प्लानिंग बोर्ड ने एनसीआर के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में साल 2030 तक प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ड्रोन सुविधाएं, हेलिपैड और यूएवी के लिए लॉन्च और पार्किंग एरिया अनिवार्य रूप से बनाने की सिफारिश की गई है।
आसमान से हो सकेगी ट्रैफिक और सुरक्षा की निगरानी
इसके तहत पुलिस आसमान से ही ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख सकेगी। इसे सामान और कूरियर की तेज डिलीवरी और बाढ़, आग या किसी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एनसीआर की सभी महत्वपूर्ण ऊंची इमारतों की छतों पर हेलिपैड बनाने की संभावना तलाशने की सिफारिश की है।
इसके लिए विमानन सुरक्षा मंजूरी और सरकारी नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इससे आपातकालीन सेवाओं, बिजनेस ट्रैवल और वीआईपी मूवमेंट में बहुत तेजी आएगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने सिफारिश की है कि इस अर्बन एयर मोबिलिटी नेटवर्क को एनसीआर के ट्रांसपोर्ट के मुख्य प्लान में शामिल किया जाए।
विशेष स्टेशन बनेंगे
एयर टैक्सियों के सुरक्षित टेकऑफ और लैंडिंग के लिए विशेष प्रकार के स्टेशन बनाए जाएंगे, जिन्हें वर्टीपोर्ट कहा जाता है। एनसीआर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बड़े ट्रांसपोर्ट हब (बस अड्डों/ मेट्रो स्टेशनों) की छतों पर ये विकसित होंगे। यात्री बस या ट्रेन से उतरकर सीधे छत पर जाकर एयर टैक्सी पकड़ सकेंगे।
स्टोरेज सिस्टम तैयार होगा
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड का अनुमान है कि अगले 10 वर्ष में बिजली से चलने वाली एयर टैक्सी चालू हो जाएंगी। बैटरी से चलने वाले विमानों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोजन फ्यूल-सेल टेक्नोलॉजी और उसके लिए विशेष स्टोरेज सिस्टम को तैयार करना होगा।
एयरपोर्ट से जुड़ाव पर जोर
योजना के तहत सिफारिश की गई है कि एनसीआर के प्रत्येक जिला मुख्यालय की कनेक्टिविटी सीधे बड़े हवाई अड्डों (जैसे आईजीआई दिल्ली या नोएडा एयरपोर्ट) से हो। मेडिकल इमरजेंसी को बढ़ावा देने के लिए चार्टर विमानों के लिए अलग से सुविधाएं विकसित होंगी।
बता दें कि, बदलते वक्त की जरूरत और टेक्नोलॉजी को देखते हुए सरकार परिवहन के साधनों बड़े बदलाव कर रही है। इसके लिए बुलेट ट्रेन चलाने से लेकर एयर टैक्सी उड़ाने तक सभी योजनाओं पर विचार किया जा रहा है।


